देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। 24 अप्रैल को गजा पायसा के वार्ड नंबर 59 में अनुराग चतुर्वेदी नामक युवक जिसने अपना खुद टेस्ट कराया था कोरोना पाॅजिटिव आया था। उसके आधार पर शासन ने वार्ड संख्या 68 को पूरी तरह सील कर दिया। जिसमें एक भी कैराना पॉजिटिव मरीज नहीं निकला और वार्ड नंबर 48 का भाग जिसमें पिछले 20 दिनों से कोई पॉजिटिव मरीज नहीं है उसको भी रूपी तरह से सील किया हुआ है, जिससे जनता को बहुत ही परेशानी उठानी पड़ रही है।
राकेश तिवारी एडवोकेट वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री माथुर चतुर्वेद परिषद रजिस्टर पुण्य तीर्थ विश्राम घाट का कहना है कि शहर के अंदर जो छोटे-छोटे डॉक्टर थे उन तक मरीज पहुंचकर अपनी दवाई लेते थे, लाॅकडाउन में भी कुछ लोग नाम चमकाने के लिए अनावश्यकरूप से नेतागीरी कर रहे हैं। इन लोगों ने क्षेत्र की दुश्वारियां बढ रही हैं।
जहां 24 अप्रैल से अब तक कोई पॉजिटिव मरीज नहीं निकला है, ऐसे क्षेत्रों के बारे में जिनका पॉजिटिव मरीज जहां भी निकले उसकी सीमा से कोई मतलब नहीं है ऐसे क्षेत्रों को चिन्हांकन करके उनकी जांच कराकर धीरे-धीरे उन क्षेत्रों को खोलना चाहिए।
राकेश तिवारी तिवारी ने बातया कि उदाहरण के तौर पर होली गेट के दाएं तरफ का इलाका जो वार्ड संख्या 48 में आता है पूरा विश्राम घाट एरिया क्षेत्र है जहां पिछले 20 दिन से किसी प्रकार का कोई मरीज है ना कोई पॉजिटिव है नहीं किसी प्रकार का कोई घटनाक्रम है। इस पूरे इलाके को सील करके बंगाली घाट से बंद कर दिया गया है जो जनता बंगाली घाट होकर बाहर ही बाहर जाकर अपने कार्य कर सकती थी वह सब बंद पड़ी हुई हैं। जहां तक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या का सवाल है इस सवाल को और इस सवाल से हमको आपको सबको अब लड़ना पड़ेगा। कोरोना हमारे आपके साथ ही रहेगा हमें अपनी सुरक्षा करनी है। मास्क लगाना है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। उन सभी बातों को सही मानते हुए धीरे-धीरे ऐसे एरिया आपको को कम करना है जहां 24 अप्रैल के बाद कोई केस नहीं हुआ है।













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