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कोविड टेस्टिंग मशीन जल्द ही शुरू करेगी काम

मथुरा। कोरोना किसी के लिए आफत तो किसी के लिए खुद को साबित करने का मौका बन कर आया है। के.डी हॉस्पिटल ने भी इस आफत काल को खुद को साबित करने के मौके के रूप में लिया है। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए तामाम संसाधन खफा दिये हैं।

कोरोना मरीजों के लिए हास्पीटल वरदान सरीखा साबित हो रहा है। आधुनिक उपचार मशीनों से लैस इस अस्पताल में पिछले ढाई महीनों से कोरोना ग्रस्त मरीजों का उपचार हो रहा है।

अब तक 180 से अधिक मरीज कोरोना पर विजय हासिल कर चुके हैं। कोरोना की लड़ाई में इस अस्पताल में जिन सुविधाओं की कमी हैं उनकी भरपाई के लिए हॉस्पिटल प्रबंधन जी जान से जुटा है जिससे कि रिकवरी रेट को किसी भी कीमत पर नीचे न आने दिया जाए।


  हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को टेस्टिंग के बाद नेगेटिव रिपोर्ट आने पर घर भेजा जाता है। टेस्टिंग रिपोर्ट को आने में दो दिन का वक्त लग जाता है। ऐसे में मरीज को ठीक होने के बाबजूद  हॉस्पिटल में बिना   जरूरत   रहना पड़ता है।

  हॉस्पिटल के चेयरमेन राम किशोर अग्रवाल ने बताया कि इस समस्या का निदान कुछ ही दिनों में हो जायेगा। हॉस्पिटल में कोविड टेस्टिंग मशीन लगा दीं गई है, टेस्ट करने वाले फार्मेटिस्ट आदि की ट्रेनिंग हो चुकी है।

जल्द ही दिल्ली स्थित संबंधित विभाग से स्वीकृति मिलते ही टेस्टिंग का काम शुरू हो जायेगा और टेस्ट की रिपोर्ट कुछे घंटों में मिल जाएगी। इस टेस्टिंग की सुविधा  शहर के तमाम लोग उठा सकेंगे। इस मशीन को जुटाने में हॉस्पिटल प्रशासन को 75 से 80 लाख रुपये का खर्च वहन करना पड़ा है।

चेयरमेन राम किशोर अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के मरीजों के लिए बेहतरीन इलाज और सुविधाओं को जुटाने में वे पूरी तरह जुटे हैं।


उनके कोरोना वारियर संक्रमण से बचे रहें, इसके लिए उन्होंने विशेष सावधानियां बरती है। भर्ती मरीजों को रात दिन इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रबंधन ने चिकित्स्कों और स्टाफ की तीन टीमें गठित की हैं।

एक टीम सात दिन मरीजों की सेवा में रहने के बाद 15 दिन के लिए क्वरेंटीन रहती है और फिर कोविड टेस्ट के बाद ही ड्यूटी पर आती है। यही कारण है इस अस्पताल का कोई भी वारियर कोरोना संक्रमण से ग्रसित नहीं हुआ है।

भर्ती  कोरोना मरीजों के बुलाबे पर चिकित्स्क स्वयं पीपीई किट में मरीज के विस्तर तक पहुेच रहे है और जरुरत के मुताबिक मरीजों को सुविधाएं दीं जा रही हैं। जरूरत पडेने पर वेंटिलेटर पर रखा जा रहा है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में सभी उपकरण मौजूद हैं।  


   अस्पताल प्रवंधन ने बताया कि उनके द्वारा किये जा रहे इंतजामों की खबर सुन मथुरा के ही नहीं बल्कि हाथरस और आगरा के कोरोना मरीज भी केडी हॉस्पिटल आ रहे हैं।

नारद संवाद

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