देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा । कोरोना महामारी में लाॅकडाउन के बीच निजी अस्पतालों को खोले जाने को प्रशासन ने छूट दी है । जनपद में कोरोना के अतिरिक्त अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को ईलाज के लिये एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकना पड़ रहा था। अस्पतालों में कोरोना के डर से अन्य मरीजों को ईलाज नहीं मिल पा रहा था। कई जगह मरीजों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने 13 अस्पतालों की लिस्ट जारी की, लेकिन यह भी अपर्याप्त रही । अब प्रशासन ने निजी अस्पतालों और क्लीनिक को सशर्त खोलने की छूट प्रदान कर दी है ।
इस सम्बंध में मथुरा सीएमओ डाॅ. शेरसिंह ने जानकारी देते हुये बताया कि 135 निजी चिकित्सकों को कोरोना बचाव के सम्बन्ध में जरूरी प्रशिक्षण दिया गया है । यह अपने हाॅस्पीटल एवं क्लीनिक पर अन्य बीमारियों के मरीजों को देख सकेंगे । उन्होने कहा कि जो चिकित्सक अपने संस्थान खोलना चाहते हैं वह स्वास्थ्य विभाग से जरूरी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं ।
इससे पूर्व मंगलवार को वरिष्ठ सर्जन डाॅक्टर देवेन्द्र कुमार ने एक वार्ता में हार्ट अटैक, शुगर, अपैडिंक्स, बीपी एवं अन्य गंभीर बीमारियों में तुरन्त ईलाज को आवश्यक बताते हुये कहा कि इसके लिये मरीज को कोरोना रिर्पोट आने तक टाला नहीं जा सकता । उन्होने कहा कि डाॅक्टर्स को संक्रमण की स्थिति में उनके ही निवास या संस्थान में होम कोरंटाईन किया जाना चाहिये । उनके साथ सामान्य व्यवहार रखा जाये, जिससे वह ठीक होकर पूरे मनोबल से कोरोना की लड़ाई में पुनः अपना योगदान दे सकें । डाॅक्टर देेवेन्द्र ने कहा कि इस लड़ाई में डाॅक्टर्स पहली पंक्ति के योद्धा हंै, जिले के लिये योजना बनाते समय चिकित्सकों से भी राय ली जानी चाहिये । उन्होने कोरोना जाॅंच में तेजी लाने को जरूरी बताया । गौरतलब है कि बुधवार तक मथुरा में 37 कोरोना पाॅजिटिव मिले हैं । इनमें से 5 ठीक हो गये तथा 3 की मृत्यु हो गयी । इस तरह जिले में कुल 28 कोरोना केस एक्टिव हैं ।












