देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। प्रवासी मजदूरों को लेकर राज्य सरकारों के बीच समन्वय की कमी शुरू से ही दिख रही थी। अब सरकारें प्रवासी मजदूरों को आफत समझने लगी हैं और किसी तरीके से इस आफत को अपने गले से निकाल कर दूसरे के गले में डालने पर आमादा है। इस बीच लाॅकडाउन और सोशलडिस्टेंसिंग किसी मजाक से ज्यादा नहीं रह गया है। पिछले कई दिन से राजस्थान पुलिस अपने प्रवासी मजदूरों को यूपी की सीमा में धकेल रही थी। इन मजदूरों में बिहार, झारखंड सहित दूसरे राज्यों के प्रवासी मजदूर भी हैं। होना यह चाहिए था कि इन मजदूरों को उनके गंतव्यतक पहुंचाया जाता लेकिन अब इस आफत से सरकारें किसी तरह निजात चाहती है।रविवार सुबह उत्तर प्रदेश और राजस्थान की पुलिस में यह तनाव संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि राजस्थान पुलिस ने गुंडों को साथ लेकर यूपी पुलिस पर हमला बोला। इसमें मथुरा में तैनात चैकी प्रभारी सहित एक सिपाही घायल हुआ है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर पिछले 24 घंटे से चला आ रहा तनाव रविवार की सुबह संघर्ष में बदल गया। सुबह एक ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर आए और उन्होंने मथुरा में जाजन पट्टी पर लगे बैरियर को हटाने की कोशिश की। जाजन पट्टी बैरियर पर तैनात चैकी प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह ने सिपाहियों के साथ बैरियर को तोड़ने से बचाने का प्रयास किया। इससे उनके बीच कहासुनी भी हुई। बैरियर और ट्रैक्टर के बीच में आने से चैकी प्रभारी की उंगलियां कुचल गई एक अन्य सिपाही के भी चोटें आई हैं। चैकी प्रभारी ने बताया ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार जो व्यक्ति आए थे राजस्थान पुलिस के पुलिसकर्मी थे। उनके साथ कुछ गुंडे थे। उन्होंने ही बैरियर को तोड़कर मजदूरों को अंदर घुसाने की कोशिश की। मगर पुलिस ने भी पूरा प्रयास किया और हिम्मत से काम लेते हुए उनका मुकाबला किया। इसी बीच अन्य पुलिसकर्मी पहुंच गए । मारपीट भी हुई और ट्रैक्टर ट्राली को पकड़ लिया गया है।
अन्य प्रदेशों से मजदूरों का पलायन लगातार जारी है। जिसकी वजह से कोरोना लगातार यूपी में अपने पैर पसार रहा है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही मजदूरों को समुचित व्यवस्था के तहत घर तक पहुंचाने की बात कही थी। थाना मगोर्रा की जाजम पट्टी पर यूपी पुलिस मजदूरों के स्वास्थ्य परीक्षण व क्वारीन्टीन करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है और मजदूरों को प्रवेश करा उनको गंतव्य तक छोड़ने में लगी हुई थी लेकिन राजिस्थान से मजदूर लगातार प्रवेश कर रहे थे। राजिस्थान पुलिस उन मजदूरों को नहीं रोक रही थी। बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम को राजिस्थान सीमा पर इकठ्ठे हुए मजदूरों को यूपी पुलिस ने भेजे जाने का आश्वासन दिया था और उसी की व्यवस्थाओं को पूरा करने में मथुरा प्रसाशन जुटा हुआ था, तभी मजदूरों का सब्र का बाध टूट गया और राजिस्थान पुलिस के लचर व्यवहार के चलते मजदूर आगे बढ़ने लगे ओर इसी में दो दरोगाओं सहित कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। बॉर्डर पर बबाल व पुलिस कर्मियों के घायल होने की सूचना पर तत्काल जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी डा.गौरव ग्रोवर सहित भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। फिलहाल एसएसपी मथुरा और भरतपुर एसएसपी वार्ता कर मामले का हल निकालने में लगे हुए थे। बताया जा रहा है और वार्ता के बाद तय हुआ है कि अब कोई मजदूर पैदल यूपी की सीमा में प्रवेश नहीं करेगा। सभी इंतजामांे के बाद ही सभी मजदूरों को मथुरा प्रसाशन उनके घर तक भिजवायेगा तब तक मजदूर राजिस्थान में ही रहेंगे । उधर एसएसपी भरतपुर ने बताया कि मजदूरों के पैदल पलायन कर यूपी प्रवेश मामले में थाना प्रभारी औद्योगिक नगर की शिथिलता की बात सामने आई है मामले की जांच करा कर कार्यवाही की जाएगी । बिहार और झारखंड के मजदूरों को राजस्थान सीमा पर ही रोक दिया गया है। शासन और जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, पुलिस ने सीमा की निगरानी भी ड्रोन से कराना शुरू कर दिया है।













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