देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। लोगों को एक तरफ इस बात के लिए प्रेरित किया जा रहा है कि वह वेक्सीनेशन कराएं। दूसरी ओर जो लोग वेक्सीनेशन कराना चाहते हैं उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड रहा है।
लोग वेक्सीनेशन के लिए जनसुविधा केंद्रों पर पहुंच कर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। लोगांे का अरोप है कि बिना किसी सूचना के उनके वेरीफिकेशन रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिये गये हैं।
कस्बा सौंख के कारोबारी मोनू अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने अपना तथा अपने परिजनों का वेरिफिकेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। उन्हें वेक्सीनेशन की तारीख भी मिली थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिना किसी सूचना के उनके रजिस्टेशन रद्द कर दिये गये हैं।
जिले में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर लोग अव्यवस्था के शिकार हो रहे हैं। तेज धूप में घंटों लाइन में लगने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों का लोगों को जवाब मिल रहा है कि वैक्सीन खत्म हो गई, क्या पानी की वैक्सीन लगा दें। इस तरह के जवाबों को सुन लोग मायूस होकर घर लौट जाते हैं।
कई सीनियर सिटीजन वैक्सीन के लिए जिला अस्पताल की विडो पर तीन दिन खड़े होकर वैक्सीनेशन का इंतजार कर लौ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में वैक्सीनेशन को लेकर व्याप्त अव्यवस्था को लेकर लोगों ने हंगामा कर दिया। हंगामा देख मौके पर पहुंचे कोविड नोडल अधिकारी भूदेव सिंह भी लोगों को संतुष्ठ नहीं कर पाए और चुप्पी साधे चले गए। राधानगर निवासी हरि शर्मा का कहना है कि सभी कामकाज छोड़ कर प्रातरू 11 बजे से धूप में घंटों वैक्सीनेशन के लिए लाइन में खड़ा रहा।
लेकिन वैक्सीन नहीं लग पाई। विडो के अन्दर बैठे स्वास्थ्य कर्मी बोले वैक्सीन खत्म हो गई, क्या पानी की वैक्सीन लगा दें। इस तरह की भाषा का प्रयोग कर लोगों को कोरोना महामारी के इस संकट काल में स्वास्थ्य कर्मी लोगों का मजाक बना रहे हैं।
महिला सुधा शर्मा का कहना है कि कोरोना के डर के बीच से वह घर से जिला अस्पताल वैक्सीन लगवाने आई। घंटों लाइन में लगी, शाम भी नहीं हुई। लेकिन वैक्सीन समाप्त होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है। यह जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का मिस मैनेजमेंट नहीं तो क्या है? सदर बाजार निवासी रघुवर सिंह का कहना हे कि वह पिछले तीन दिनों से वैक्सीन लगवाने क लिए आ रहे हैं। लेकिन वैक्सीन नहीं लग पा रही है। स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीन के नाम पर परेशान कर रहे हैं।
काबिलेगौर बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीनेशन व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। लोग वैक्सीनेशन के लिए परेशान हो रहे हें। घंटों धूप खड़े होकर बीमार होने का विवश है। लेकिन न ही इस ओर स्वास्थ्य विभाग का ध्यान है न ही जिला प्रशासन का। देखना है कि कितने लंबे समय में जिले के लोगों को स्वास्थ्य विभाग इस नगण्य व्यवस्था से वैक्सीनेशन को पूरा कर पाता हैँ।













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