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नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2018 को रद्द करने से इनकार कर दिया और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज (एनयूएएल) को 31 मई को परिणाम घोषित करने का आदेश दिया।
क्लैट के परिणामों की घोषणा के बाद देश के 19 प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विधि महाविद्यालयों में दाखिला लेने का रास्ता खुल जाएगा। न्यायमूर्ति एल एन राव और न्यायमूर्ति एम एम शांतानगौदर की अवकाश पीठ ने शिकायत निवारण समिति से क्लैट अभ्यर्थियों की शिकायतों पर गौर कर छह जून तक अपनी रिपोर्ट दायर करने को भी कहा है। शिकायतों में 13 मई को संपन्न टेस्ट में कई तकनीकी एवं अन्य खामियां होने का आरोप लगाया गया है। शिकायत निवारण समिति की अध्यक्षता हाईकोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश कर रहे हैं। पीठ ने याचिकाकर्ता की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें उसने क्लैट 2018 की परीक्षा को खारिज कर परीक्षा दोबारा कराने की मांग की थी।
देश भर में करीब 54000 अभ्यर्थियों ने 19 राष्ट्रीय विधि महाविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्लैट 2018 परीक्षा दी थी। नेशनल यूनिवर्सिटी आफ एडवान्स्ड लीगल स्टडीज ने निजी फर्म मेसर्स सिफी टेक्नोलॉजीस लिमिटेड के सहयोग से 13 मई को क्लैट की परीक्षा आयोजित की थी। इसके परिणाम कल घोषित किए जाने हैं।
साभार-khaskhabar.com













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