देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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भोलेश्वर उपमन्यु
मथुरा। नरहौली वाली प्रसिद्ध वैष्णो मां मंदिर समिति अध्यक्ष बीएल गौतम ने पत्रकारों को बताया कि आकाश से आईं सरस्वती, दुर्गा संग काली की पिण्डियों तथा जमीन से प्रकटे अष्टभुजी मां के 9 दिवसीय मेले की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। महोत्सव का आगाज 17 मार्च को प्रात: 10 बजे थाना हाइवे से 1111 कलशों की शोभायात्रा धूमधाम से निकालकर और समापन आतिशबाजी संग होगा।
गौतम ने कहा कि 18 की प्रात: 8 बजे से चण्डी यज्ञ, दोपहर 2 बजे से देवी भागवत कथा से प्रतिदिन होगी। 24 को सायं 3 बजे पुष्प बंगला सजेगा तथा रात्रि 9.30 से भगवती जारगण होगा। आरती प्रात: 7 एवं शाम 7 बजे होगी। कीर्तन, लांगुरिया, भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से होंगे। 25 को दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक भण्डारा चलेगा। मेले का समापन रात्रि 8 बजे आतिशबाजी की रोशनी संग धूमधड़ाके से होगा। हाईवे पर स्थित गांव नरहौली में विराजमान चमत्कारी मां के उत्सव में खेमचंद्र शास्त्री कथा सुनाएंगे और यज्ञ कराएंगे। ब्रजांचल के प्रसिद्ध संग अनूठे मां महोत्सव में राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, बिहार, पंजाब संग प्रदेश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु आते हैं।
वार्ता समय पुजारी रामेश्वर दयाल गौतम, डा. डीएस गौतम, होरी लाल गौतम, विकास गौतम, तिवारी आदि मौजूद थे।













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