देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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दिल्ली/गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में बडी संख्या में किसान दिल्ली की ओर चल दिए हैं। हरिद्वार से आ रहे इन किसानों को दिल्ली में आने की इजाजत नहीं मिली है। इसके बाद भी किसान अपनी जिद पर हैं। इसको ध्यान में रखकर दिल्ली-यूपी बॉर्डर को सील कर दिया गया है। बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनाती कर दी गई है।
-हरिद्वार से दिल्ली के लिए चली किसान क्रांति यात्रा गाजीपुर बॉर्डर में रोक दी गई। पुलिस बल ने पानी की बौछारों से किसानों के जत्थे को इधर-उधर करने का प्रयास किया। किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने लाउडस्पीकर से तैनात जवानों से कहा कि किसान रोके जाने पर बैरिकेड तोडऩे का प्रयास करेंगे, हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।
-किसानों के दिल्ली कूच ने दिल्ली बॉर्डर पर हिंसक रूप से लिया है। पुलिस किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का भी इस्तेमाल कर रही है।
- केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से होगी किसान प्रतिनिधियों की मुलाकात । किसान प्रतिनिधि मंडल की बैठक, दो सीनियर आईएएस भी बैठक में शामिल होंगे।
-कर्जमाफी, गन्ने की कीमतों सहित कई अन्य मांगों को लेकर हजारों किसान दिल्ली बॉर्डर पर पहुंच गए हैं।
किसानों की योजना संसद तक मार्च की
मिली जानकारी के अनुसार, किसानों की मुख्य मांगें निम्र है ,कर्जमाफी और बिजली बिल के दाम करने को लेकर है।किसान क्रांति पदयात्रा 23 सितंबर को हरिद्वार से प्रारंभ होकर बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और मेरठ जिलों से गुजरते हुए किसान सोमवार को गाजियाबाद तक आ डटे हैं। उनका इरादा अब दिल्ली में प्रवेश करने का है। इन किसानों की योजना गांधी जयंती पर राजघाट पहुंच कर की संसद तक मार्च करने है।
सरकार ने इनको दिल्ली में सुरक्षा दृष्टि को ध्यान में रखकर इनको दिल्ली में प्रवेश करने के स्वीकृति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर को सील कर दिया गया है। यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस ने दिल्ली की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। गाजियाबाद से दिल्ली में प्रवेश होने वाले रास्ते को भी डाइवर्ट कर दिया गया है। साथ ही में दिल्ली से कौशाम्बी और वैशाली की तरफ जाने वाले रास्ते को भी बदला गया है।उल्लेख है कि हरिद्वार से दिल्ली के लिए भारतीय किसान क्रांति यात्रा सोमवार को साहिबाबाद पहुंच गई थी। जिलाधिकारी और एसएसपी ने करीब एक घंटे तक किसानों को समझाइश की लेकिन किसान दिल्ली जाना ही चाहते हैं। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली से वापस लौटे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर मुलाकात करवाई गई। मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब दो घंटे बातचीत चली लेकिन नतीजा नहीं निकला। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की मांग पर डटे हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से बातचीत की। जिलाधिकारी ऋतु माहेश्वरी ने बताया कि भाकियू का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना हो गया है । केंद्रीय मंत्रियों के साथ वार्ता करेगा। उन्होंने बताया कि अभी तो जीटी रोड स्थित चार फार्म हाउसों में किसानों के रहने की व्यवस्था कर दी गई है।
साभार-khaskhabar.com













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