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अनूठे अंदाज में मनाया ’आजादी का अमृत महोत्सव’

मथुरा। एनसीसी कैडिट्स ने शहीद दिवस पर शहीद भगत सिंह पार्क में नाटक का मंचन किया। देश की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ पर अमरनाथ डिग्री कालेज के एनसीसी कैडिट्स ने नाटक का मंचन किया।


वहीं दूसरी ओर चंपा अग्रवाल इंटर कॉलेज मथुरा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से देश की आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश करने पर ’आजादी का अमृत महोत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानियों का स्मरण किया गया। महात्मा गांधी जवाहरलाल नेहरू लाल बहादुर शास्त्री सुभाष चंद्र बोस चंद्र शेखर आजाद सरदार भगत सिंह सरदार वल्लभभाई पटेल आदि महापुरुषों के चित्रपट पर पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया गया। प्रधानाचार्य डॉ राकेश माहेश्वरी ने समस्त स्टाफ को राष्ट्र की एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 12 मार्च से 15 अगस्त 2022 तक 75 सप्ताह तक आजादी का अमृत महोत्सव मनाने की घोषणा की है और दांडी मार्च इसी महोत्सव का हिस्सा है। सन 1930 में आज ही के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा की शुरुआत की थी। दांडी यात्रा का आयोजन अंग्रेजों द्वारा नमक पर कर लगाए जाने के विरोध किया गया था। वरिष्ठ प्रवक्ता प्रेम सरोज मौर्य ने कविता के माध्यम से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीर गाथा सुनाई और कहा कि गांधी जी ने दांडी यात्रा के माध्यम से देश के आम नागरिकों को एक मंच पर लाकर अंग्रेजी सत्ता के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी थी।
  कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि प्रधानाचार्य डॉ राकेश माहेश्वरी ने एनएसएस की ओर से आयोजित साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव के विषय में छात्र छात्राओं को विस्तार से बताया और दांडी मार्च के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि अंग्रेजों की गुलामी और देश को आजादी दिलाने से लेकर आज के सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत में हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को भुला नहीं सकते। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किए। श्री धर्मवीर सिंह ने सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को ब्रिटिश शासन के खिलाफ देश के स्वतंत्र आंदोलन की एक बड़ी और अहम घटना बताया और कहा कि गांधीजी का सत्याग्रह, लोकमान्य तिलक का पूर्ण स्वराज्य का आह्वान, सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिंद फौज का गठन एवं दिल्ली चलो का नारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक घटनाएं हैं। अंत में प्रधानाचार्य डॉ राकेश माहेश्वरी ने समस्त स्टाफ राष्ट्र की एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई।

 

नारद संवाद

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