देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। छाता बाजना मार्ग को स्थानीय विधायक के प्रयासों से भले ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा फोरलेन पास कर दिया गया लेकिन अभी भी राहगीर उबड़ खाबड़ गड्ढों से होकर गुजरने को मजबूर है चांपा से लेकर बाजना तक यह मार्ग मांट और छाता विधानसभा में लगता है लेकिन बरसात के मौसम में मांट के विधायक राजेश चौधरी के द्वारा रोड बनाने वाले ठेकेदार पर प्रशासनिक व राजनीतिक दबाव बनाकर गड्ढे भरवाने का कार्य शुरू करवाया गया था, जिसकी विधायक ने खूब वाहवाही लूटी लेकिन गड्ढे जस के तस बने हुए हैं। आए दिन वहान फंस जाते हैं। जाम लग जाता है और बाइक सवार गिर जाते हैं। जिसमें वह चोटिल भी हो जाते हैं। छाता बाजना मार्ग पर बुखारी रजवाहा पर बने पुल की भी दीवार टूट गई है। जिससे राहगीरों पर हादशे का खतरा मंडरा रहा है। दीवार नहीं होने की वजह से ऐसा लगता है यहाँ से रॉड पूरा चौड़ा है इसके धोखे में कहीं कोई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है कुछ महीने पहले यह पुल टूट गया था जिसमें मिट्टी भर के रोड को चालू पुल बनाकर चला दिया गया लेकिन अब उसी पुल की दीवार टूटने की वजह से हादसा होने का खतरा है स्थानीय लोगों का कहना है कि आम जनता की सुनने वाला कोई नहीं है चाहे वह गड्ढे में चले या कीचड़ में चले इस रोड पर गड्ढों की वजह से एंबुलेंस में ही कई प्रेग्नेंट महिलाएं बच्चे को जन्म दे चुकी हैं नेता व अधिकारियों को सिर्फ अपने आप से मतलब है जनता में सिर्फ नेता वोट मांगने के लिए जाते हैं काम करने के लिए नहीं।













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