देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। चैरासी कोस परिक्रमा मार्ग में पड़ाव स्थलों के विकास एवं जन सुविधा विकसित किये जाने के लिए भूमि उपलब्धता एवं स्थान चयनित किए जाने के सम्बन्ध में सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि ब्रज चैरासी कोस परिक्रमा मार्ग में पड़ाव स्थलों को विकसित किया जाना सुनिश्चित करेंगे और जनपद की विभिन्न तहसीलों से अपेक्षित है कि अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले पड़ाव स्थलों को चिन्हित कर विकसित किये जाने का प्रस्ताव परिषद को उपलब्ध करा दें।
व्यवहारिक रूप से यह भी सम्भव है कि कतिपय पड़ाव स्थलों को राजस्व अभिलेखों में अंकित स्थान पर विकसित कराया जाना सम्भव न हो सके, ऐसी स्थिति में अन्य वैकल्पिक स्थल जो निःशुल्क अथवा सशुल्क उपलब्ध कराया जा सके के सम्बन्ध में तीर्थ विकास परिषद तथा एमवीडीए के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी नवनीत सिंह की अध्यक्षता में ब्रजतीर्थ विकास परिषद के विकास कार्य एवं अनुश्रवण समिति की बैठक लेते हुए विभिन्न कार्यों पर चर्चा की। जनपद मथुरा में कोसीकला के पास स्थित कोकिला वन शनिधाम में परिकमा मार्ग का निर्माण, टॉयलेट ब्लॉक तथा प्रकाश व्यवस्था आदि के कार्य हेतु परियोजना शासन द्वारा स्वीकृत की गई है, जिसमें निविदा स्वीकृत की जा चुकी हैं।
उक्त परियोजना के अन्तर्गत 2.0112 हेक्टेअर आरक्षित वन भूमि प्रभावित हो रही है। उक्त आरक्षित वन भूमि के समतुल्य वन विभाग को गैर वानिकी भूमि उपलब्ध कराये जाने के लिए डीएफओ को निर्देश दिये। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम मादौर तहसील महावन में भूमि चिन्हित की गई थी, किन्तु वन विभाग द्वारा उक्त भूमि को विभागीय शासनादेशों के क्रम में उपयुक्त नहीं बताया है।
परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए समतुल्य गैर वनभूमि शीघ्र उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। जनपद मथुरा में स्थित गोवर्धन पर्वत में तलहटी परिकमा मार्ग के पर्यटन विकास कार्य की परियोजना में 0.8223 हेक्टेअर आरक्षित वन भूमि प्रभावित हो रही है। इस कार्य के लिए परियोजना शासन द्वारा स्वीकृत की गई है, जिसमें निविदा स्वीकृत की जा चुकी है।
इस आरक्षित वन भूमि के समतुल्य वन विभाग को गैर वानिकी भूमि उपलब्ध करायी जानी है। नंदगांव में पर्यटक सुविधा केन्द्र विकसित किए जाने के लिए परिषद द्वारा विचार किया जा रहा है। परिषद के कन्सल्टेंट मै. डिजाइन एसोसिएट्स इक नोएडा द्वारा नन्दगांव में बरसाना नन्दगॉव रोड पर गाटा संख्या 579 रकवा 2.424 हेक्टेअर उपयुक्त बताई गयी है।
जनपद मथुरा स्थित ब्रज क्षेत्र में पौराणिक वन, उपवन एवं कुण्ड, सरोवर स्थित हैं जिनका धार्मिक पौराणिक महत्व होने के साथ साथ पर्यावरण एवं पारिस्थितकीय दृष्टि विशेष महत्व है।
सभी उप जिलाधिकारियों ने बैठक में बताया कि वन व उपवन राजस्व अभिलेखों में पौराणिक नाम से अंकित न होकर जंगल-झाडी आदि के रूप में दर्ज हैं तथा कुण्ड, सरोवर पोखर, तालाब आदि के रूप में दर्ज है। ऐसी स्थिति में अपेक्षित है कि सभी वन, उपवन एवं कुण्ड, सरोवरों का राजस्व टीम से पुनः सर्वेक्षण कराकर भूमि का चिन्हांकन कर तथा वन, उपवन आदि के पाराणिक नाम को राजस्व अभिलेखों के विशेष विवरण में अंकित करने जिलाधिकारी ने निर्देश दिये।
उ.प्र. ब्रजतीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेन्द्र प्रताप ने जानकारी देते हुए बताया कि गोवर्धन व बरसाना में पार्किंग स्थल हेतु भूमि अधिग्रहण क्रय किये जाने के सम्बन्ध में परिषद की तृतीय बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गये निर्देशों के कम में प्रत्येक तीर्थ स्थल में ऑडिटोरियम हेतु भूमि की उपलब्धता तथा उ.प्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यालय भवन हेतु सदर तहसील के समीप भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये थे। इसी प्रकार पड़ाव स्थल विकसित किए जाने हेतु स्थलों की सूची, मथुरा में तालवन, तारसी, शान्तनु कुण्ड, सतोहा, गोवधान बरसाना, कोटवन, बहन, मधुबन, महोली, कुमुदवन, कुदरवन, बहुला बन, वाटी मुखराई, जतीपुरा, नंदगाँव, जॉब, कोसी, चीरघाट-सियारा, वृन्दावन ,लोहवन, गोकुल, शेरगढ शिव मंदिर, बच्छवन-सेही, भद्रवन-मोटवन, दाऊजी, ब्रह्माण्ड घाट, डीग, आदिबद्री, नयन सरोवर-सेहू, कॉमा।
ब्रज चैरासी कोस में जन सुविधा विकसित किए जाने हेतु स्थलों की सूची मधुवन महोली, कृष्णकुण्ड, शान्तनु कुण्ड, पीली पोखरध्प्रिया कुण्ड, बरसाना, ऊँचागाँव, देहकुण्ड-बरसाना, प्रेम सरोवर बरसाना, पावन सरोवर नन्दगांव, कोटवन गोमती कुण्ड, कोसी, राधारानी, मानसरोवर, पानीगांव भाण्डीर वन, कृष्णकुण्ड चन्द्रावलि देवी, शीतल कुण्ड में जन सुविधा विकसित करने पर विचार विमर्श किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि उ0प्र0 तीर्थ विकास परिषद द्वारा कराये गये विभिन्न विकास कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे तथा अपनी-अपनी तहसील में हुए विकास कार्यों में उ.प्र. ब्रजतीर्थ विकास परिषद के सीईओ के समक्ष अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत करेंगे तथा 84 कोस की परिक्रमा में पड़ने वाले प्रत्येक पड़ाव हेतु सभी उप जिलाधिकारी जमीन चिन्हित कर उ.प्र. ब्रजतीर्थ विकास परिषद को उपलब्ध करायेंगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डाॅ. नितिन गौड़, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सतीश कुमार त्रिपाठी, सभी उप जिलाधिकारी, लोक निर्माण, वन विभाग, सिंचाई एवं पर्यटन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।













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