देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने सरकार पर आरोप लगाया है कि देशभर में धार्मिक स्थलों पर तीर्थ पुरोहितों को अपमानित होना पड रहा है। सरकार इस दिशा मंे किसी तरह का कोई कदम नहीं उठा रही है।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने मथुरा मंे आयोजित प्रेसवर्ता में कहा है कि तीर्थपुरोहितों को मंदिरों में घुसने से रोका जा रहा है। उन्हें अपमानित किया जाता है। जबकि लपका टाइप लोग तीर्थपुंरोहित बन कर इस मर्यादित काम को कलंकित कर रहे हैं। संगठन को मजबूत करने के लिए पूरे भारतवर्ष में महासभा की युवा कार्यकारिणी का गठन किया गया है। युवा संगठन में उज्जैन के अमर डिब्बावाला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
संगठन में छह उपाध्यक्ष, चार मंत्री, चार महामंत्री, चार प्रवक्ता बनाए गये हैं। शुरूआत मंे 40 सदस्यीय कार्यकारिणी गठित की गई है। महेश पाठक ने कहाकि कहाकि कोई भी संघर्ष बिना युवाओं के नहीं हो सकता। पूरे भातरवर्ष में ब्राह्मणांे को प्रताडित किया जा रहा है। स्मार्टसिटी के नाम पर हमारे देवालायां को सौ 200 मीटर का दायरा लेकर तोडा जा रहा है।
केदारनाथ धाम मंे हमारे तीर्थ पुरोहित संघर्ष कर रहे हैं। सरकार किसी भी मामले मंे तीर्थपुरोहितों को पूछ तक नहीं रही है। हम चाहते हैं कि सरकार द्वारा तीर्थ पुरोहितों और महासभा को विश्वास मंे लेकर काम किया जाए। इसी को लेकर हम जंतर मंतर पर धरना देने के विचार में थे, कोरोना संकट के चलते यह संभव नहीं हो सका। अब हम क्रमिक अनशन करेंग, प्रमुख धार्मिक स्थलों पर यह आंदोलन चलेगा। यह आंदोलन सभी धार्मिक स्थलांे पर चलेंगे। जब अनुमति मिल जाएगी तब हम जंतर मंतर पर आंदोलन करेंगे।
हम चाहते हैं कि सरकार पर्यटनस्थलों का विकाकस तो करे परंतु तीर्थ पुरोहितांे ंको भी विश्वास मंे लिया जाए। कोरानाकाल लें सब देवालय बंद कर दिए गए पर तीर्थपुरोहितों को किसी तरह की कोई ममद सरकार की ओर से नहीं की गई। इस को लेकर हमने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि चारांधाम के तीर्थ पुरोहितों से मशविरा करें। तीर्थपुरोतिों को मंदिर में घुसने पर मारा पीटा जाता है। लपका टाइप के लोग तीर्थपुरोहितों का काम कर रहे हैं।













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