देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। पराली के फंदे में फंसे किसानों से केस वापस लेने की मांग भारतीय किसान यूनियन ने की है। साथ ही गन्न भुगतान, धान खरीद जैसे मुद्दों को भी उठाया है।
भारतीय किसान यूनियन किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आंदोलित है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर 21 दिसम्बर को किसान अपने ट्रैक्टर ट्राली और दूसरे कृषि उपकणों के साथ प्रदर्शन करेंगे। इस बात की आशंका जताई जा रही कि किसानांे का प्रदर्शन जिला प्रशासन के लिए परेशानी खडी कर सकता है। संगठन पदाधिकारी इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए लगातार किसानों से संपर्क कर रहे हैं। मंडल स्तर से लेकर गांव तक बैठकें की जा रही हैं। आंदोलन की जानकारी देने और अपनी मांगों से अधिकारियों को परिचित कराने के लिए सोमवार को संगठन पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर ज्ञापन दिया। प्रदेश महासचिव बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि किसान आवारा पशुओं के आतंक से परेशान है अधिकारियों के पास इनका कोई ठोस समाधान नहीं है और सरकार ने भी इस दिशा में कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। किसानों के हित में संगठन का संघर्ष लम्बा रहा है जो आगे भी जारी रहेगा।













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