देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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बेंगलुरू । कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री तथा जनता दल (सेक्युलर) नेता एचडी कुमारस्वामी की अग्रिम जमानत याचिका को बेंगलुरू की एक कोर्ट ने नामंजूर कर दिया है। याचिका रद्द होने पर कुमारस्वामी की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। उन पर अवैध खनन के आरोप हैं।
बता दें,वर्ष 2006-2007 के दौरान मुख्यमंत्री रहते हुए उन पर एक निजी खनन कंपनी जनथाकल खनन कंपनी को फायदा पहुंचाकर बडे पैमाने पर खनन घोटाले में मदद के आरोप हैं। जनथाकल कंपनी पर अवैध रूप से बडे पैमाने पर लौह अयस्क की ढुलाई करने का आरोप है हालांकि कुमारस्वामी ने जनथाकल खनन मामले में स्वयं पर लगे आरोपों को गलत बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया था।
कुमारस्वामी पर ये भी आरोप हैं कि उन्होंने अपने मुख्यमंत्री काल के दौरान तत्कालीन खनन आयुक्त गंगाराम बदेरिया पर दबाव डालकर जनथाकल खनन फर्म के पक्ष में एक फाइल पास करवाई थी। इस दौरान इस कंपनी की माइनिंग लीज खत्म हो रही थी और कुमारस्वामी ने कंपनी के लाइसेंस को 40 सालों के लिए रिन्यू करवाया था और वह भी बिना कोई वैध दस्तावेजों के। इस मामले में कंपनी ने कुमारस्वामी के बेटे के नाम 10 लाख का एक चैक जारी करने का मामला भी उजागर हुआ था। बाद में लोकायुक्त की विशेष जांच टीम ने जांच के दौरान बदेरिया को जनथाकल समेत कई मामलों में गडबड करने के आरोप में 15 मई को गिरफ्तार कर लिया था हालांकि जनथाकल इंटरप्राइजेज के स्वामी और खनन कारोबारी विनोद गोयल को धोखाधडी में आरोप में 2015 में ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
याद रहे,कर्नाटक में अवैध खनन के मामलों की जांच के दौरान राजनीतिज्ञों की संलिप्ता कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा पर अवैध खनने के आरोप लग चुके हैं।
साभार-khaskhabar.com













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