देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कान्हा की नगरी में पहली बार इतनी कडी पाबंदियों के बीच भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्रा ने सभी मंदिर के प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि मंदिर खोलने से पहले सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर संबंधित सीईओ एवं उप जिलाधिकारी तथा नगर मजिस्ट्रेट को आज शाम तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम मल्टीपार्किंग एवं एक टीम टूरिस्ट सुविधा केंद्र वृंदावन पर लगाई जाए।
उन्होंने एसपी ट्रैफिक को निर्देश दिए कि मल्टीपार्किंग एवं अटला चुंगी से कोई भी यात्री वाहन प्रवेश ना करे। उन्होंने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि जो भी श्रद्धालु आए वह अपने जूते चप्पल गाड़ी में ही छोड़कर आए। उन्होंने यह भी कहा कि की लाइन में लगते समय छह फुट की दूरी बनाए रखें और बिना मास्क के बाहर ना आए। उन्होंने सभी मंदिर प्रबंधकों से अनुरोध किया है कि सरकार की मनसा के अनुसार मंदिर को सैनिटाइज करा लिया जाए और प्रसाद एवं पवित्र जल का उपयोग मंदिर परिसर में ना किया जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर ने सभी मंदिरों से कहा कि टोकन या ई-पास की व्यवस्था हेतु वेबसाइट बनाकर उसका प्रचार-प्रसार कराया जाए और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया जाए कि सभी लोग ई-पास बन वाले और उन्होंने कहा कि जितने भी श्रद्धालु हॉटस्पॉट क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं। उन्हें मंदिर ना आने के लिए अनुरोध किया जाए।
जिला अधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी मंदिर प्रबंधकों एवं रिसीवर और से सुझाव मांगे जिसमें कई मंदिर वालों ने मंदिर ना खोलने के सुझाव दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन सतीश कुमार त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक यातायात डॉ बृजेश सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर अशोक कुमार मीणा, सभी उपजिलाधिकारी सीईओ तथा मंदिरों के प्रबंधक एवं रिसीवर उपस्थित रहे।
पांच मिनट तक पांच लोग ही कर सकेंगे दर्शन
उन्होंने कहा कि मंदिर में एक बार में 5 लोग प्रवेश करेंगे, जिसके उपरांत उनके निकलने पर अगले नंबर पर पांच व्यक्ति उन्हें प्रवेश करेंगे। एक साथ 5 से ज्यादा श्रद्धालु प्रवेश नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि मंदिर में जाने के लिए अलग रास्ता हो और निकलने के लिए दूसरा रास्ता हो यदि किसी मंदिर में आने एवं जाने का एक ही रास्ता हो तो जो श्रद्धालु अंदर है पहले उन्हें दर्शन करा कर बाहर निकाल दिया जाए उसके बाद जो बाहर है उन्हें अंदर बुलाया जाए हर 30 मिनट में मंदिर को सैनिटाइज किया जाए।
बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिला न आएं तो ही बेहतरः एसएसपी
जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि 65 वर्ष से अधिक एवं 10 वर्ष आयु तथा गर्भवती महिलाओं को दर्शन के लिए नहीं आना चाहिए और उन्हें घर पर ही रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि अपने स्वास्थ्य का स्वयं निरंतर पर्यवेक्षण करते हुए किसी प्रकार की बीमारी के संबंध में तत्काल स्वास्थ्य हेल्पलाइन न नंबर 1800180 51 45 पर अपनी सूचना दे सकते हैं।
उन्होंने सभी मंदिर प्रबंधकों से कहा कि मंदिर के अंदर दूरी के अनुसार गोले बनाकर चिन्हित कर लें और सोशल डिस्टेंसिंग के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें।
श्रद्धालुओं के लिए यह भी होगा अनिवार्य
श्रद्धालुओं को आरोग्य सेतु तथा आयुष कवच कोविड ऐप का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें और खुद भी इसका उपयोग करें उन्होंने नगर निगम के अधिकारी एवं मंदिर के रिसीवर और से अनुरोध किया है कि पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम माइक से सभी व्यक्तियों को कोरोना वायरस बचाव के बारे में लगातार जागरूक करते रहेंगे उन्होंने निर्देश दिए कि वेंटीलेशन एयर कंडीशनर आदि के साधनों के प्रयोग के समय तापमान 24 से 30 डिग्री के मध्य होना चाहिए। आद्रता की सीमा 40 से 70 के मध्य होनी चाहिए।
क्रॉस वेंटीलेशन का प्रबंध इस प्रकार से होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा ताजी हवा अंदर आ सके। कोई भी श्रद्धालु मूर्तियों को नहीं छुएगा। यदि कोई बीमार व्यक्ति निकलता है तो ऐसे स्थान पर रखा जाए जिससे कि वह अन्य व्यक्तियों से बिल्कुल अलग आइसोलेशन हो जाए। यदि कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाए तो परिसर को पूर्ण रूप से कीटाणु मुफ्त किया जाए।













Related Items
मकर संक्रांति पर राजस्थान रंग में रंगा : पतंगों से सजे मंदिर, तीर्थों पर डुबकी, जयपुर में पतंगबाजों की अग्निपरीक्षा
पूरी सृष्टि में केवल पुष्कर में है ब्रह्मा जी का मंदिर, जानिए कारण
जगन्नाथ पुरी मंदिर के चार द्वार, जिसमें छिपा है मोक्ष, विजय, समृद्धि और धर्म का रहस्य