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BAAGHI 3 MOVIE REVIEW: फिल्म बागी 3 में टाइगर का जबरदस्त एक्शन, श्रद्धा ने बिखेरा जलवा

कोरियाग्राफर से निर्देशक बने अहमद खान अबकी बार बागी 3 लेेकर जनता के दरबार में पेश हुए हैं। अहमद खान की यह फ़िल्म दर्शकों को काफी पसंद आएगी। क्योंकि यह एक्शन और ग्लैमर के अलावा लोकेशन के लिहाज से अच्छी बन पड़ी है फिल्म । चूंकि मार धाड़ टाइगर की फिल्मों की यूएसपी है तो भले ही फिल्म की कहानी कुछ ख़ास न हो, मगर ये फिल्म युवाओं को ज़रूर सिनेमा घरों तक लाने में कामयाब हो जाएगी। लचर कहानी, निशाने से भटके निर्देशन के अलावा फिल्म का गीत-संगीत भी दर्शकों को बोर करता है। रीमिक्स गाने डालकर फिल्म निर्माता भले यूट्यूब पर इन गानों के व्यूज पा लेते हैं लेकिन फिल्म में ये गाने अब दर्शकों को खटकने लगे हैं। फिल्म के एक्शन सीन भी अहमद खान ने ही गढ़े हैं। बस यही एक काम वह कायदे से कर पाए हैं।

फिल्म की कहानी....

बागी 3 में दो भाइयों (टाइगर और रितेश) की कहानी के इदर्गिद घूमती है। जिनके बीच की बॉन्डिंग ज़बरदस्त है। (विक्रम) रितेश किसी काम से सीरिया जाता है और वहां जाकर उसके साथ ऐसा कुछ हो जाता है वह वहां पर फंस जाता है। टाइगर अपने भाई को बचाने के लिए सीरिया जाता है, वहां उसकी मुलाकात एक ऐसे संगठन से होती है जिसका मकसद पूरी दुनिया में आतंक को फैलाना होता है। रितेश का आतंकवादी संगठन से क्या रिश्ता है? क्यों संगठन के लोग रितेश को उठा ले जाते हैं? क्या टाइगर अपने भाई को बचाने में कामयाब हो पाएगा ? इन्हीं सवालों को जवाब देती नजर आएगी फिल्म।


किसने अभिनय में बाजी मारी...

ऐक्शन स्टार बन चुके हैं टाइगर श्रॉफ और इस फिल्म में भी धांसू ऐक्शन का जलवा उन्होंने दिखाया है। उनकी परफेक्ट बॉडी के साथ-साथ उनका दमदार ऐटिट्यूट ही है कि हर स्टाइल और ऐक्शन बिल्कुल रियल नजर आ रहा है। बागी 3 में श्रद्धा कपूर काफी ग्लैमरस नजर आती हैं और फर्स्ट हाफ में उनके कई कॉमिक सीन आपके हंसने को मजबूर कर देंगे। लेकिन उनका किरदार कहानी के लिए बहुत अहम नहीं है इसलिए उन्हें परफॉर्म करने का कुछ खास मौका मिल नहीं पाया। दूसरी तरफ रितेश देशमुख अहम भूमिका में हैं, लेकिन यह समझना मुश्किल है कि मौका रहते हुए उन्होंने स्लो मैन-चाइल्ड की तरह क्यों किया है। हैरानी इस बात की है कि उन्हें इतना कमजोर दिखाने के बावजूद पुलिस ऑफिसर वाले किरदार में क्यों दिखाना था और उनके परफॉर्मेंस में भी वह दम नहीं जो कहानी की डिमांड थी।

 साभार-khaskhabar.com

 

 

नारद संवाद

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