देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreचौमुंहा। एसकेएस आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज ने धन्वतंरि जयंती को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। आयुर्वेदिक दवाओं में विशेष गुण है। उनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। आयुर्वेद बीमारी को जड़ से समाप्त करता है। ये वक्तव्त एसकेएस आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज एंड हाॅस्पीटल में आयोजित आयुर्वेद दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीएमओ डाॅ. शेर सिंह ने व्यक्त किए। शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. सिंह, विशिष्ट अतिथि डाॅ.सत्यमित्र, प्रो. प्रदीप प्रजापति, एसकेएस ग्रुप के चेयरमैन एसके शर्मा ने धन्वतंरि के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अध्यक्षता करते हुए चेयरमैन एसके शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का प्रयोग देश में ही नहीं पूरे विश्व में तेजी से बढ़ रहा है। आयुर्वेद के क्षेत्र में एसकेएस आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज पिछले आठ वर्ष से मरीजों को निःशुल्क सेवाएं दे रहा है। पूर्व प्राचार्य डाॅ. रामकृपाल त्रिपाठी ने कहा कि हिंदू धार्मिक मान्यताओं में धन्वतंरि भगवान विष्णु के अवतार थे।
बच्चों ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नाटिका प्रस्तुत की। डाॅ. वीपी मिश्रा ने स्वस्थ और निरोगी बने रहने के लिए योगासन किया। लोगों को तुलसी व गिलोय के पौधे निःशुल्क दिए गए। व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रविकांत गर्ग, कल्याणं करोति के सचिव सुनील शर्मा, विधायक पूरन प्रकाश, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र सिंह सिकरवार, सीओ जगदीश काली रमन, प्राचार्य डाॅ. एके सिंह भदौरिया, निदेशक डाॅ. डीसी गुप्ता, डाॅ. आदित्य कुमार, प्रधानाचार्य एसके वैष्णव, प्राचार्य मिहीर वाय परमार, सैकड़ों प्रधान मौजूद थे।













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