देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकुश्ती के अखाड़े से भारत के लिए सुनहरी खबर आयी है। दरअसल, कजाख्स्तान के अलमाटी में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2021 में बेटियों ने देश को 4 स्वर्ण सहित कुल सात पदक जीतकर दिलाए हैं।
जानकारी के मुताबिक स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ियों में विनेश फोगाट, दिव्या काकरान और अंशु मलिक और सरिता मोर का नाम शामिल है।
बताना चाहेंगे भारत ने इस चैंपियनशिप में महिला वर्ग में चार स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक सहित कुल 7 पदक जीते हैं। दिव्या काकरान ने 72 किलो भार वर्ग में, विनेश फोगाट ने 53 किलो, अंशु मलिक ने 57 किलो और सरिता मोर ने 59 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए।
विनेश और अंशु: नए भारतीय सितारे
विनेश फोगाट एशियन चैंपियनशिप में अब तक कुल 7 पदक अपने नाम कर चुकी हैं, जिसमें तीन रजत पदक शामिल हैं। इस बार फाइनल में जिस तरह विनेश ने अपने प्रतिद्वंदी को पटखनी दी है वह स्पष्ट रूप से एक खिलाड़ी के तौर पर उनके बढ़ते हुए दर्जे का प्रमाण है।
जापानी और चीनी खीलड़ियों की गैर-मौजूदगी में अन्य किसी भी खिलाड़ी के लिए विनेश को रोकना असंभव दिख रहा था। वहीं अंशु मालिक, जिन्होंने कुछ दिन पहले ही अपना ओलंपिक कोटा हासिल किया है, ने पहली बार इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंशु ने मंगोलिया की खिलाड़ी को हराकर मुकाबला 3-0 से अपने नाम किया। पूरे मुकाबले में उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को बढ़त बनाने का कोई मौका नहीं दिया।
सरिता मोर ने जीता अपना पहला गोल्ड
सरिता मोर ने भी 59 किलो वर्ग में एशियन चैंपियनशिप का पहला गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 25 वर्षीय हरियाणा की पहलवान ने फाइनल में मंगोलिया के खिलाड़ी को 10-07 से मात दी। इसपर भारतीय पहलवान सुशील कुमार ने उन्हें बधाई दी।
सरिता और दिव्या ने इस प्रतियोगिता में एक के बाद एक स्वर्ण जीता। ऐसा करने वाली वे पहली दो भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। साक्षी मलिक ने 65 किलो भार वर्ग में रजत तथा सीमा ने 50 किलो में और पूजा ने 76 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किए।
बता दें, सोनम मलिक, जिन्होंने अंशु के साथ ही पिछले सप्ताह ओलंपिक कोटा हासिल किया था, चोट के कारण इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकी। भारतीय खेमे को उनसे भी पदक की उम्मीद थी। महिला पहलवानों का इतनी बड़ी संख्या में पदक जीतना बताता है कि घरेलू स्तर पर भारत अपने खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधा मुहैया करा रहा है। अब सभी की नजरें टोक्यो ओलंपिक पर टिकी हैं, जो खेलों की दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन है।













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