देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreश्रीनगर। पिछले कुछ दिनों में आतंकवादियों के हमलों के बाद गैर-स्थानीय सेब व्यापारी और ट्रक चालक कश्मीर में सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। शोपियां जिले के ट्रांज गांव में बुधवार शाम को पंजाब के एक व्यापारी और उसके ट्रक चालक को आतंकवादियों ने गोली मार दी थी। इस हमले में व्यापारी की मौत हो गई, जबकि चालक घायल हो गया।
इससे पहले दिन में पुलवामा जिले के निहमा गांव में आतंकवादियों द्वारा छत्तीसगढ़ के एक ईंट-भट्टा में काम करने वाले एसए सागर नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। इन हत्याओं के बाद शोपियां में काम करने वाले गैर-कश्मीरी व्यापारियों और मजदूरों में डर का माहौल बना हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि प्रशासन द्वारा शोपियां के एक बस स्टैंड, फल मंडी और जिला कलेक्टर कार्यालय में घाटी से बाहर के लगभग 500 ट्रकों को सुरक्षा में रखा गया है। जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल के सलाहकार फारूक खान ने आईएएनएस से कहा, यह स्पष्ट है कि बंद असफल रहा है। इसलिए आतंकवादी अन्य रणनीति का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि फल उत्पादकों के लिए फल उनके बच्चों की तरह हैं और इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, सेब को बागों से एकत्रित किया गया है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी। क्षेत्र पहले से ही सुरक्षित है। फलों के व्यापार से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा इंतजामों को और अधिक बढ़ाया जाएगा। जिन आतंकवादियों पर घाटी में गैर-स्थानीय लोगों की हत्या में शामिल होने का शक है, उनके पोस्टर पुलिस द्वारा लगाए गए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) मुनीर खान ने कहा कि गैर स्थानीय लोगों की हत्या स्थिति को बिगाडऩे और उत्तेजित करने के लिए एक पैटर्न की तरह लगती है।
साभार-khaskhabar.com













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