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सरकार के तमाम वादे, शहीद परिवार को नहीं मिला कोई लाभ

सौंख। श्रीनगर के पुखराया क्षेत्र में आॅपरेशन सीआई रक्षक की मुठभेंड़ में कई आंतकवादियों मार कर शहीद हुए सौंख क्षेत्र की ग्राम पंचायत नैनूपट्टी नगला सैदा निवासी रामवीर सिंह के परिवार को किए गए वादे को केन्द्र और राज्य सरकार ने बीस वर्ष बाद भी पूरा नही किया।


सौंख के गांव सैदा के रहने वाले रामवीरसिंह 13 अपै्रल 2000 को श्रीनगर के पुखराया में शहीद हो गए थे। उनकी शहदत पर प्रदेश और केन्द्र सरकार से काफी आश्वासन दिये गये थे। शहीद के परिजनों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगे रखी थी। इसके बावजूद भी गांव में किसी भी प्रकार का कोई विकास नही हुआ।

शहीद रामवीर सिंह की पत्नी सुनीतादेवी और माता सरोजदेवी-पिता सरदार सिंह से जब इस बारे में बात की गई तो उनकी आखें नम हो गई। उन्होंनें बताया कि मेरा बेटा जब शहीद हुआ था तो जनप्रतिनिधि व प्रशासन ने तमाम वादे भी किये गये थे। मैने बेटे की शहदत की याद में गांव में स्मारक अपने निजी खर्चे से बनवाया है। शहीद परिवार ने कई अपनी मांगों पत्र प्र्रशासन को सौंप चुके है। लेकिन शहीद परिवारों की कोई सुननेे वाला नही है।

शहीद की पत्नी सुनीतादेवी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा गांव के विकास को लेकर तमाम बातें की थी लेकिन बीस साल गुजर जाने के बाद भी गांव में शहीद के नाम पर कोई विकास नही हुआ। और ना ही कोई योजना का लाभ परिवार को मिला है।


 शहीद पिता का बदला लेेने के लिए मै तैयार हॅूूः धर्मेद्र सिंहं


शहीद पुत्र धर्मेद्र सिंह के बताया कि मेरा परिवार पिछली तीन पीढ़ियों से सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहा है। मैं पिता शहीद का समय आने पर बदला लूंगा। सेना में शहीद के पिता सरदार सिंह और भाई नारायण सिंह, भगवानसिंह ने भी सेना में भर्ती होकर देश की सेवा की है और परिवार देश सेेवा के प्रति समर्पित है।


कोरोेना काल खत्म होेते हुए मैं गांव सैदा पहुंच कर शहीद परिवार से मिलूंगा। हर प्रकार की समस्या के लिए मै मदद करूंगा। सरकार की ओेर से भी शहीद पजिनों को मदद दिलाउंगा। गांव में शहीद के नाम पर विकास कार्य कराये जायेगंे। : ठाकुर कारिन्दासिंह, विधायक, गोवर्धन क्षेत्र
 

नारद संवाद

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