देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (आफस्पा) को कमजोर करने के खिलाफ एक याचिका पर 20 अगस्त को सुनवाई करेगा। यह अधिनियम अशांत व विद्रोह प्रभावित क्षेत्रों में सैन्य कर्मियों को कार्रवाई के लिए अभियोग से प्रतिरक्षा प्रदान करता है।
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ मामले पर सुनवाई करने पर सहमत हो गई है। पीठ ने यह सहमति वकील एश्वर्य भाटी की याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग पर दी है। यह याचिका सेवारत सेना अधिकारियों के एक समूह ने दाखिल की है।
करीब 300 सैनिकों ने अपनी याचिका में कहा है कि मोर्चे पर अपने दुश्मनों से लड़ते समय बचाव के अधिकार की जरूरत होती है। यदि सुरक्षाबलों को यह अधिकार नहीं होगा और दुश्मनों पर अभियान चलाने के लिए उन पर मुकदमा चलाया जाएगा तो हमारी संप्रभुता एवं निष्ठा खतरे में पड़ेगी।
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायाधीश एएम खनविलकर की पीठ सैनिकों की ओर से पेश वकील ऐश्वर्या भाटी की दलील पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई। भाटी ने कहा कि अशांत क्षेत्रों में अपनी ड्यूटी निभाने के लिए सैनिकों पर अभियोग दर्ज कराया जा रहा है।
साभार-khaskhabar.com













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