देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। प्रशासन के लिए प्रवासी जमदूर आफत बन गये है। आगरा दिल्ली हाइवे पर हंगामा बरपा है। पुलिस लाठी चार्ज कर रही है तो कहीं मजदूरों को समझाने का प्रयास कर रही है। कोटवन बार्डर पर हजारों की संख्या में जमदूर यूपी की सीमा में प्रवेश करने के लिए जुटे हैं। वहीं फरह पर रविवार को मजदूरों ने हांगामा काटा जो मिला उसे ही हाइवे पर रख कर आग लगा दी। इससे पहले शनिवार को भी मजदूरों ने हाइवे पर हंगामा काटा था।
आगरा-दिल्ली हाईवे पर भूखे प्यासे हजारों श्रमिक अब भी पैदल सफर कर रहे हैं। प्राइवेट वाहनों पर प्रतिबंध के बाद सरकारी बसों की व्यवस्था कराने की मांग मजूदर कर रहे हैं। रविवार सुबह करीब 8 बजे मजदूरों का धैर्य जवाब दे गया। थाना क्षेत्र में रैपुरा जाट पुलिस चैकी और रैपुरा जाट गांव के बीच मजदूरों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। आसपास से कूड़ा करकट और कबाड़ का सामान लाकर हाईवे पर रख दिया और उसमें आग लगा दी गई।
मजदूरों का कहना था कि वह दो-तीन दिन से भूखे प्यासे हैं। उनकी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। अब पैदल भी नहीं चलने दिया जा रहा है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए वाहन भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। करीब ढाई हजार मजदूर इस क्षेत्र में परेशान घूम रहे हैँ।
प्रशासन ने गाड़ियों की व्यवस्था नहीं कराई है इससे नाराज होकर मजदूरों ने आग लगा दी और हाईवे पर जाम लगा दिया। क्षेत्राधिकारी रिफाइनरी वरुण कुमार ने बताया कि मजदूरों की भीड़ अचानक हाईवे पर आ गई और जाम लगा दिया पुलिस ने लाठियां फटकार कर जाम खुलवाया।
कोटवन बार्डर पर जुटे थे हजारों मजदूर
कोटवन बार्डर पर हजारों की संख्या में मजदूर देर रात से ही जुटे हुए हैं। वह किसी तरह यूपी की सीमा में प्रवेश कर जाना चाहते हैं। पुलिस ने मजदूरों को बाॅर्डर पर ही रोक दिया है। यहां भी हालात हंगामा होने जैसे ही बने हुए हैं। अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाये हुए हैं। प्राइवेट वाहनों से मजदूरों के जाने पर रोक लगाये जाने के बाद स्थिति और बिगड गई है। जिलाधिकारी सर्वज्ञरामि मिश्र एवं एसएसपी डा.गौरव ग्रोवर कोटवन बार्डर पहुंच गये थे। आलाधिकारियों बसों से प्रवासी जमदूरों को रवाना करने की व्यवस्था में जुटे हुए थे।
बाहरी राज्य एवं जनपदों से आने वाले मजदूरों को आश्रय स्थल पर एकत्रित करके उन्हें भोजन खिलाया जाये तथा उनकी स्क्रीनिंग करके उनको बसों द्वारा उनके गृहजनपद भेजा जाये। आर.टी.ओ. को निर्देश दिये गये हैं कि आवश्यकतानुसार सरकारी बसों के साथ-साथ प्राईवेट बसों का इंतजाम किया जाये, जिससे मजदूर अपने घरों तक पहुंचे। कोई भी मजदूर पैदल एवं ट्रेकों से यात्रा नहीं करेगा।
-अनिल कुमार, मण्डलायुक्त आगरा
आरटीओ को निर्देशित किया गया है कि आदेशानुसार प्राईवेट बसों का तत्काल अधिग्रहण किया जाये, बसों को कोसी कोटवन एवं फरह पर भेजा जाये, जिससे बाहर से आने वाले मजदूरों को उनके घर भेजा जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि जो प्राईवेट बस वाले अपनी बस देने में आना-कानी करें तो उनके विरूद्ध कार्यवाही भी की जाये।
-सर्वज्ञराम मिश्र, जिलाधिकारी













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