देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमहिला हर क्षेत्र में बढ़ी है, देश की राज्यमंत्री है महिला: राज्यपाल
मथुरा। पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान में आयोजित 7वें दीक्षान्त समारोह को संबांेधित करते हुए प्रदेश के मा0 राज्यपाल श्री रामनाईक जी ने कहा कि 63 वर्ष पूर्व सन् 1954 में जब उन्होंने बीकॉम उत्तीर्ण किया था तब 150 विद्यार्थी जिसमें मात्र 04 छात्राऐं थी। लेकिन तबसे धीरे-धीरे समाज में महिलाओं में शिक्षा की प्रवत्ति बढ़ रही है और वर्तमान में आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग कर रही हैं। इस वर्ष विश्वविद्यालय में 232 छात्रों ने प्रवेश लिया जिसमें 30 प्रतिशत छात्राएं हैं। आज के दीक्षान्त समारोह में 91 को उपाधि दी जा रही है उसमें 71 छात्र तथा 20 छात्राएं हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं अपनी ताकत पर आगे बढ़ रही हैं एक दृष्टि से समाज के लिए शुभ अवसर है। उन्होंने कहा कि जब महिला सशक्त होगी तो समाज भी आगे बढ़ेगा, वर्तमान समय में महिलाऐं हर क्षेत्र में निरन्तर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि आज देश की रक्षामंत्री महिला हैं।
उन्होंने संबोंधन में कहा कि विश्वविद्यालय में देरी से परीक्षा होना उसके बाद परिणाम तथा कई साल बाद दीक्षान्त समारोह आयोजित होना धीरे-धीरे इतिहास की बात होती जा रही है। उन्होंने कहा कि वे 29 विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं और उन्हें इस बात की प्रशन्नता है कि सभी विश्वविद्यालयों की गाड़ी पटरी पर आयी है अर्थात इन विश्वविद्यालयों में परीक्षा, परिणाम तथा दीक्षान्त समारोह समय से आयोजित हो रहे हैं। उन्होंने कुलपति द्वारा दिये जा रहे भाषण की एक-एक हिन्दी रूपान्तरण की प्रति छात्र-छात्राओं तथा अभिभावकों को भी दिये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने 91 छात्र-छात्राओं को उपाधि तथा 10 को मेडल प्रदान करते हुए सभी से आव्हान किया कि किसान को सम्मान दें। इन छात्र-छात्राओं में बीवीएससी एण्ड एएच के 41, एमवीएससी के 26, पीएचडी के 04 और पहलीबार बीएससी बायोटेक के 20 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी गई।
मा0 राज्यपाल ने देश की आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सन् 1950 में जब भारतीय संविधान लागू हुआ था तब देश में गेंहूॅ का आयात करने की नौवत आयी थी, तब से देश की आबादी तीन गुना बढ़ी है और जमीन उतनी ही है, लेकिन अब इतना अनाज खर्च होने के बाद भी हमारा देश निर्यात की स्थिति में है। यह पैदावार किसान द्वारा कड़ी मेहनत से की गई है, इसी क्रम में देश के मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2022 तक किसान की आय दुगुनी करने का जो संकल्प लिया गया है उसे साकार करने की जिम्मेदारी हम सभी की है।
उन्होंने दुग्ध उत्पादन पर चर्चा करते हुए कहा कि साधारण गाय उ0प्र0 में 2.60 किग्रा0 व पंजाब में 6.82 किग्रा0 का औसत है। उन्नत नस्ल की गाय उ0प्र0 में 7.10 किग्रा0 तथा पंजाब में 11.21 किग्रा0 दुग्ध उत्पादन प्रति गाय औसत है। उ0प्र0 में साधारण भैंस 4.47 किग्रा0 तथा पंजाब में 8.72 किग्रा0 प्रति भैंस दुग्ध उत्पादन का औसत है। उन्होंने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा कि उ0प्र0 के सभी विद्वानों को विचार करना चाहिए। दुग्ध उत्पादन किस प्रकार से बढ़ाया जाय। जिसके लिए चुनौती स्वीकार करनी होगी। प्रदेश के नौजवानो, वैज्ञानिकों को चुनौती स्वीकार करनी होगी कि दुग्ध उत्पादन में पंजाब तक कैसे पहुॅचे। उत्तर प्रदेश भारत देश का सबसे बड़ा प्रदेश है इसलिए जब उ0प्र0 आगे बढ़ेगा तो निश्चित रूप से देश भी आगे बढ़ेगा। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर विश्वविद्यालय में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि उ0प्र0 सरकार द्वारा कुक्कुट विकास कार्यक्रम संचालित है जिसके तहत 70 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है। गायों को संवारने में महिलाओं की अहम भूमिका होती है इसके अलावा मत्स्य पालन को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षान्त समारोह विद्यार्थियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिवस होता हैै। उन्होंने अपने संबोंधन में उपाधि तथा मेडल प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं का बार-बार विशेष अभिनन्दन करने पर विद्यार्थियों सहित सभी का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए कहा कि जीवन का लक्ष्य तय करो और कड़ी मेहनत करने का निर्णय लो। उन्होंने आगे कहा कि मेहनत में प्रमाणिकता होनी चाहिए। कठिनाई आने पर घबराना नहीं चाहिए और संघर्ष समझकर लक्ष्य तक पहुॅचने का कार्य करना होगा तभी मुसीबतों के साथ संघर्ष करने से जीवन का शास्वत आनन्द मिलेगा।
उन्होंने स्वः लिखित पुस्तक ‘‘चरैवति-चरैवति‘‘ का उदाहरण देते हुए कहा कि जो बैठा रहता है उसका भाग्य बैठ जाता है, जो सोता रहता है उसका भाग्य सो जाता है, जो खड़ा रहता है उसका भाग्य खड़ा रहता है इसलिए व्यक्ति को निरन्तर चलते रहना चाहिए अर्थात सक्रियता होनी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर और देश व प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम हो रहे हैं। गोरखपुर विश्वविद्यालय भी पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर है वहां उनकी मूर्ति लगाई गई, इसी प्रकार यह विश्वविद्यालय भी उनके नाम पर है तो उन्होंने उनकी मूर्ति की आवश्यकता लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में अलग-अलग विचार होते हैं, सामान्य आदमी व्यक्ति को अमूर्ति का भाव नहीं आता है, मूर्ति के रूप में जब दिखता है तो अपने आप एक नई प्रेरणा होती है। पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्मस्थान भी इसी क्षेत्र का है तो उनकी मूर्ति लगाने की आवश्यकता है।
पं0 दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान (दुवासु) के कुलपति प्रो0 के0एम0एल0 पाठक ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए अवगत कराया। इस अवसर पर मा0 राज्यमंत्री पशुधन, मत्स्य, राज्य सम्पत्ति एवं नगर भूमि विभाग उ0प्र0 शासन श्री जयप्रकाश निषाद, कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्ण महानिदेशक एवं वर्तमान अध्यक्ष ट्रस्ट फॉर एडवांसमेंट ऑफ एग्रीकल्चरल साइसेंस डॉ0 आरएस परौंदा, महानिदेशक कृषि भवन नई डॉ0 त्रिलोचन महापात्रा, डॉ0 भीमरॉव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कुलपति डा0 अरविन्द दीक्षित, पं0 दीनदयाल धाम के निदेशक श्री राजेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई, डा0 पंकज शुक्ला, डीन डॉ0 एसके गर्ग, डा0 शरदजीत, डॉ0 अजय प्रकाश, डॉ0 आरपी सिंह, डॉ0 मुकुल आनन्द सहित छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।













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