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भारत का 85 प्रतिशत आम का उत्पादन यूपी में

 

कृषि के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नए कीर्तिमान बना रहा है। अनाज से लेकर फल सब्जी देश के साथ ही दूसरे देश में भी निर्यात किए जा रहे हैं। कोरोना काल में भी वाराणसी के आम की सप्लाई कई विदेशों में भी हुई। इस उपलब्धि को देखते हुए प्रदेश की सरकार आम की बागवानी को बढ़ावा देने में लगी है। 

उत्तर प्रदेश में भारत के कुल 85 प्रतिशत आम का उत्पादन

दरअसल उत्तर प्रदेश में भारत के कुल आम उत्पादन का 85 प्रतिशत आम पैदा हो रहा है। आम भारतवर्ष का ही नहीं, देश-विदेश की अधिकांश जनसंख्या का भी एक पसंदीदा और सबसे लोकप्रिय फल है। इसका स्वाद, उपलब्ध पोषक तत्वों, विभिन्न क्षेत्रों एवं जलवायु में उत्पादन क्षमता, आकर्षक रंग, विशिष्ट स्वाद और मिठास आदि विशेषताओं के कारण इसे फलों का राजा कहा जाता है। भारत आम उत्पादन में विश्व में अग्रणी है। 
 

यूपी में हर साल लगभग 40-45 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन

विश्व के कुल आम उत्पादन का लगभग 40 प्रतिशत आम भारत में पैदा होता है। भारत में उत्तर प्रदेश, प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। आम लगभग सभी मैदानी क्षेत्रों में उगाया जाता है। प्रदेश सरकार आम उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। पूरे विश्व में प्रसिद्ध है आम का अचार भारत में प्राचीन काल से ही आम का अचार विश्व प्रसिद्ध है। आम की खट्टी-मीठी चटनी, आम का पना, आम का जूस/शेक, आइसक्रीम, खटाई, रायता, आम रस का सुखाकर बनाया गया अमावट आदि विभिन्न खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। यूपी में हर साल लगभग 40-45 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है।

इन जिलों में आम का उत्पादन सबसे ज्यादा

आम उत्पादन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश के बाद आंध्र प्रदेश, बिहार एवं कर्नाटक आम उत्पादन करने वाले अग्रणी राज्य है। उत्तर प्रदेश में सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सुल्तानपुर जिले आम फल पट्टी क्षेत्र घोषित हैं। जहां पर दशहरी, लंगड़ा, लखनऊ सफेदा, चैंसा, बाम्बे ग्रीन रतौल, फजरी, रामकेला, गौरजीत, सिन्दूरी आदि किस्मों का उत्पादन किया जा रहा है। मलिहाबाद फल पट्टी क्षेत्र के 26400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में दशहरी, लंगड़ा, लखनऊ सफेदा, चैंसा उत्पादित किया जा रहा है। 
 

यूपी में आम का इतिहास

दशहरी गांव में पनपी प्रजाति प्रदेश की दशहरी प्रजाति की उत्पत्ति उत्तर प्रदेश के दशहरी गांव से हुई। चौसा आम की उत्पत्ति उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के संडीला स्थान से हुई है। प्रदेश में आम्रपाली प्रजाति दशहरी एवं नीलम के संकरण से प्राप्त, बौनी एवं नियमित फल देनें वाली संकर प्रजाति है। 
 
मल्लिका प्रजाति नीलम एवं दशहरी के संकरण से प्राप्त संकर प्रजाति है। प्रदेश में कलमी एवं देशी आम का भी अच्छा उत्पादन होता है। प्रदेश सरकार आम की फसल के उत्पादन करने वाले किसानों को भरपूर सहायता कर रही है। बागपत के रटौल गांव में आम की रटौल प्रजाति पनपी। जिसकी विदेशों में काफी मांग है। 

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