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UP: अखिलेश-मायावती की मुलाकात, सीट बंटवारे को लेकर फॉर्मूला तय!

UP: अखिलेश-मायावती की मुलाकात, सीट बंटवारे को लेकर फॉर्मूला तय!लखनऊ। 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर मायवाती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच गठबंधन को लेकर बात बनती हुई नजर आ रही है। आगामी लोकसभा चुनाव में महागठबंधन से सहारे उतरने को बेताब कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रस्तावित गठबंधन के अंतिम पहलुओं पर चर्चा करने के लिए मायवाती से मुलाकात की। खबरों की मानें तो दोनों नेता इस वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीट-बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गए हैं।

 

सूत्रों ने बताया कि दोनों पार्टियां 37-37 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। सूबे में कुल 80 सीटें हैं। एसपी और बीएसपी ने मात्र छह सीटें कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल और अन्य छोटी पार्टियों के लिए छोड़ी है। आपको बता दें कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद बने एसपी-बीएसपी गठबंधन में कांग्रेस को भी शामिल किये जाने की उम्मीद थी। लेकिन दोनों ही पार्टियां कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के इस गठबंधन के महागठबंधन में बदलने की उम्मीद कम दिख रही है।

 

सीट शेयरिंग और कांग्रेस को ज्यादा सीटें नहीं दिये जाने के मुद्दे पर तीनों ही पार्टियों का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। समाजवादी पार्टी, बीएसपी और कांग्रेस में सियासी तल्खी तब बढ़ गई थी जब वह मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग होकर विधानसभा चुनाव लड़ी। समाजवादी पार्टी और बीएसपी ने कांग्रेस पर गठबंधन को साथ नहीं लेकर चलने का आरोप लगाया था।तीनों राज्यों के चुनाव में जब कांग्रेस जीती तो समाजवादी पार्टी और बीएसपी ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया। दोनों पार्टियों को उनके टिकट पर जीते विधायकों को मंत्री बनाए जाने की उम्मीद थी। कांग्रेस ने इससे इनकार कर दिया। जिसके बाद अखिलेश यादव ने कांग्रेस को साफ-साफ शब्दों में चेतावनी दे दी थी। उन्होंने कहा था, हमने मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन दिया है, फिर भी कांग्रेस ने हमारे विधायक को मंत्री नहीं बनाया। ऐसी हरकत कर कांग्रेस ने यूपी में हमारा रास्ता साफ कर दिया है।

 

साभार-khaskhabar.com

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