देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय के नए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने बुधवार को आवश्यक मामलों की सुनवाई तत्काल करने की परंपरा को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जबतक किसी को फांसी पर न चढ़ाया जा रहा हो या घर से न निकाला जा रहा हो, कोई अन्य दूसरे मामले अविलंब सुनवाई के लिए मेंशन नहीं किए जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसके लिए मानक तय किए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इससे पहले न्यायमूर्ति गोगोई को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। एक वकील उनकी नियुक्ति को लेकर उन्हें बधाई देने पहुंचा, जिसपर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘चलिए आगे बढ़ते हैं। इसकी कोई जरूरत नहीं है।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
एनसीआर क्षेत्र में प्रतिबंधित ऑटो रिक्शा एवं अन्य डीजल वाहनों पर होगी नियमानुसार कार्रवाई - मुख्य सचिव सुधांश पंत
नदबई लूट कांड का खुलासा: व्यापारी का मुनीम ही निकला मास्टरमाइंड, मुख्य आरोपी जयशिव गिरफ्तार
मुख्यमंत्री योगी ने लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार के खाली पदों को तत्काल भरने का दिया निर्देश