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राज्यसभा : हंगामें की भेंट चढ़ा छठा दिन, 27 तक कार्यवाही स्थगित

राज्यसभा : हंगामें की भेंट चढ़ा छठा दिन, 27 तक कार्यवाही स्थगितनई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन शुक्रवार को भी राज्यसभा हंगामें की भेंड चढ गया। कांग्रेस नेताओं के हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को 27 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि लोकसभा की कार्यवाही भी हंगामे के कारण बार-बार बाधित हो रही है। वहीं कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ पीएम मोदी के बयान पर संसद में चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया था।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि शुक्रवार को लोकसभा में ओखी तूफान पर नियम 193 के तहत होगी चर्चा। अनंत कुमार ने कहा, मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस इस गंभीर मुद्दे पर बिना कोई राजनीति किए बहस में हिस्सा लेगी।

 

आपको बता दें कि शीतकालीन सत्र के 5वें दिन गुरुवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर लगाए गए आरोप और कथित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में यूपीए के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दुष्प्रचार को लेकर कांग्रेस नेताओं के हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने दो मुद्दों को उठाया। आजाद ने कहा, बुधवार तक हम मनमोहन सिंह जी के खिलाफ प्रधान मंत्री की टिप्पणी पर उनसे स्पष्टीकरण की मांग कर रहे थे लेकिन आज एक और घटना हुई और अब हमें दोनों मुद्दों पर स्पष्टीकरण चाहिए।

आजाद ने आगे कहा, अब उन्हें साबित करना चाहिए कि किस आधार पर उन्होंने आरोप लगाया था कि 1.76 लाख करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। झूठे अभियान के माध्यम से यूपीए के खिलाफ माहौल बनाया गया और यही कारण है कि हम यहां विपक्ष में हैं और आप वहां सत्ता में हैं। संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि यदि सदन में इस तरह का हंगामा रोजाना होता रहेगा तो प्रधानमंत्री सदन में नहीं आ सकेंगे। प्रधानमंत्री आमतौर पर गुरुवार को राज्यसभा में आते हैं क्योंकि उस समय प्रधानमंत्री के कार्यालय से संबंधित प्रश्न सूचीबद्ध होते हैं। सभापति ने आजाद से इस मुद्दे पर नहीं बोलने का आग्रह किया क्योंकि उन्होंने इस संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया है लेकिन आजाद ने बोलना जारी रखा।

 

नायडू ने कहा, आप उचित नोटिस दिए बिना कोई मुद्दा नहीं उठा सकते हैं। यह नियमों से परे नहीं जा सकता। सदन नियमों के मुताबिक काम करती है। यदि कुछ गंभीर है तो सदन उसे प्राथमिकता के रूप में लेगा। कांग्रेस ने 2जी घोटाले पर गुरुवार को आए फैसले को उठाते हुए कहा कि अदालत के फैसले ने यूपीए के रुख को सही साबित किया है कि स्पेक्ट्रम एवं लाइसेंस आवंटन में कोई घोटाला नहीं हुआ था।

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

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