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लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य संपत्ति विभाग ने दो जून तक सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी होने के बाद उत्तरप्रदेश के समाजवादी पार्टी मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को सरकारी आवास खाली कर दिया। उनके साथ उनकी पत्नी डिंपल यादव भी थी। अब वो सुल्तानपुर रोड स्थित निजी बंगले में पिता मुलायम सिंह यादव के साथ रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला खाली करने का आदेश दिया है। इसकी मोहलत इसी हफ्ते खत्म हो रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती और एनडी तिवारी को छोडक़र अन्य सभी चार मुख्यमंत्रियों ने बंगला खाली कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सात मई को पूर्व मुख्यमंत्रियों को यह कहते हुए अपने सरकारी बंगले खाली करने का आदेश दिया था, कि पद से हटने के बाद वे सरकारी आवास में नहीं रह सकते।
इन पूर्व मुख्यमंत्रियों ने कब्जाया था सरकारी आवास...
1. नारायण दत्त तिवारी।
2. मुलायम सिंह यादव।
3. कल्याण सिंह।
4. मायावती।
5. राजनाथ सिंह।
6. अखिलेश यादव।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इनमें से नारायण दत्त तिवारी और मायावती को छोडक़र बाकी पूर्व मुख्यमंत्री अपने सरकारी बंगले खाली कर चुके हैं या उन्हें छोडऩे को राजी हो गए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह अपने सरकारी बंगले खाली कर चुके हैं, वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव भी अपने आवास खाली कर रहे हैं। तिवारी बीमार हैं और उनकी पत्नी ने बंगला खाली करने के लिए राज्य संपत्ति विभाग से यह कहते हुए कुछ और वक्त मांगा है उनके पति अपनी जिंदगी के आखिरी लम्हे जी रहे हैं। तिवारी के मॉल एवेन्यू स्थित सरकारी बंगले के बाहर ‘पंडित नारायण दत्त तिवारी सर्वजन विकास फाउंडेशन‘ का बोर्ड लग गया है। माना जा रहा है कि यह बंगला बचाने की कवायद के तहत किया जा रहा है।
बसपा प्रमुख मायावती के अपने सरकारी आवास 13-माल एवेन्यू को पार्टी संस्थापक कांशी राम का स्मारक बताए जाने से एक नया पेंच फंस गया था। हालांकि संपत्ति विभाग ने उनके इस दावे को निरस्त करते हुए कहा था कि मायावती ने 6-लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित जो आवास खाली किया है, उस पर उनका अवैध कब्जा था। राज्य संपत्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मायावती को पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से 13-ए मॉल एवेन्यू बंगला आबंटित किया गया था, वहीं 6-लाल बहादुर शास्त्री मार्ग बंगले पर उनका अवैध कब्जा था, जिसे अब उन्होंने खाली किया है।
उन्हें उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार मॉल एवेन्यू का बंगला खाली करना होगा। मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन का दावा करते हुए 6-लाल बहादुर शास्त्री मार्ग बंगला खाली कर दिया था। दूसरी ओर, बसपा का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मायावती को 13ए-मॉल एवेन्यू वाला बंगला खाली करने का नोटिस भेजा, जबकि उन्हें लाल बहादुर शास्त्री मार्ग वाला आवास खाली करने का नोटिस भेजा जाना चाहिए था, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें यही बंगला आबंटित किया गया था।
बसपा के एक प्रतिनिधिमण्डल ने पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात में यह दावा किया था कि मॉल एवेन्यू वाले बंगले को वर्ष 2011 में कांशी राम स्मारक घोषित कर दिया गया था और मायावती उसकी देखभाल के लिये वहां रहती थीं। उनके पास स्मारक परिसर के मात्र दो कमरे ही थे। बंगला खाली करने के लिए दी गई मोहलत खत्म होने में महज दो दिन बचे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने क्रमश: 4 और 5 विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने सरकारी बंगले खाली करने शुरू कर दिए हैं।
अब वो सुल्तानपुर रोड स्थित बंगले में रहेंगे। अखिलेश ने राज्य संपत्ति विभाग से आग्रह किया है कि वह उनके लिए वीवीआईपी गेस्ट हाउस में दो कमरे आवंटित कर दे ताकि अगला आशियाना मिलने तक वह उनमें रह सकें। उधर राजनाथ सिंह ने सरकारी बंगला छोडक़र राजधानी में गोमती नगर के विपुल खंड में अपना दूसरा आवास बनाया है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह लखनऊ में अब अपने पौत्र और राज्य सरकार के मंत्री संदीप सिंह के आवास में रहेंगे।
साभार-khaskhabar.com













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