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माघमेला: 40 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी

माघमेला: 40 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकीइलाहाबाद । प्रयागराज में संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा के साथ माघमेले का शुभारंभ हुआ। गंगा यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम में भोर से ही आस्था की डुबकी शुरू हुई त देर रात तक स्नान-ध्यान का क्रम जारी रहा। प्रशासन की ओर से 40 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का दावा किया गया। इस स्नान के साथ ही माघ मेले का धार्मिक व आधिकारिक आगाज हो गया है। सुबह के दस बजने तक ही 10 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। जबकि देर शाम तक लाखों लोग विभिन्न घाटों पर डुबकी लगाते रहे। स्नानार्थियों को स्नान के लिये 17 घाट बनाए गए थे और हर घाट खचाखच भरे रहे।

इलाहाबाद में शुरू हुआ यह माघ मेला बसंत पंचमी तक चलेगा। उसके शुभारंभ का गवाह बनने के लिये पूरे देश से लोग संगम तट पर पहुंचे। शुभ मुहूर्त में स्नान करने के लिये होड़ मची रही। 17 घाटों पर सुबह आठ बजे तक करीब 5 लाख, 10 बजे तक 10 लाख और 12 बजे तक 20 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा था, स्नानार्थी का रेला मेले में पहुंचता रहा। इलाहाबाद में एक माह के लिये गंगा यमुना के संगम स्थल पर तंबुओं की नगरी बसी रहेगी। यहां पर लोग एक महीने तक कल्पवास करेंगे और वैरागी जीवन से ईश्वर भक्ति आत्म शुद्धि का महायज्ञ करेंगे। कल्पवासी यहां पर कल्पवास के संकल्प के साथ स्नान, अन्न-जल दान के बाद सिर्फ एक वक्त का भोजन करेंगे और भूमि शयन करेंगे। पहले स्नान पर माघ मेले में सुरक्षा की व्यवस्था चाक चौबंद दिखी। पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फॉर्स भी तैनात रही। मेले में ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। हालांकि ट्रायल परीक्षा में पास होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था की असल परीक्षा शनिवार यानी मकर संक्राति के महापर्व पर होगी। इस दिन शाही स्नान होगा और यह अपने आप में अद्भुत होगा। क्योंकि विभिन्न मठो के मठाधीश, पीठाधीश्वर अपने पूरी शानो-शौकत के साथ यहां स्नान करने पहुंचेंगे।    

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

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