देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मंडी। अपनी मांगों को लेकर अगामी 28 मार्च को एस.एफ.आई छात्रों के विभिन्न मुद्दों पर विधानसभा का घेराव करेंगे। इसी संबंध में एस.एफ.आई.जिला कमेटी की बैठक जिला कार्यालय मण्डी में संपन्न हुई। बैठक में वर्तमान समय में प्रदेश सरकार के द्वारा शिक्षा के निजिकरण व व्यापारीकरण की नीतियों को तेजी से बढावा दिया जा रहा है, जिसके दुष्प्रभावों के उपर चर्चा परिचर्चा की गई। एस.एफ.आई. का मानना है कि प्रदेश सरकार के द्वारा रूसा को 100 करोड़ के लालच में लागू किया था परंतु प्रदेश के महाविद्यालयों का ढांचा अभी तक भी विकसित नहीं हुआ हैं। प्रदेश में लगभग 140 के करीब महाविद्यालय है जिसमें से 50 प्रतिशत महाविद्यालयों के पास अपने भवन नहीं है और प्रदेश सरकार स्मार्ट क्लास रूम देने की बात कर रही थी। प्रदेश सरकार की खोखली घोषणाओं की एस.एफ.आई. ने कड़ी निंदा की है। रूसा को लागू किए हुए चार वर्ष पूरे होने जा रहे है परंतु अभी भी विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा परिणाम घोषित करने की काई ठोस निति तैयार नहीं कर पाया है, जो प्रदेशभर के छात्र-छात्राओं के लिए चिंताजनक विषय बनता जा रहा है।वहीं सभी महाविद्यालय में प्राध्यापकों अधिकतर पद खाली पड़े है, जिससे छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
केन्द्र की भाजपा कार व प्रदेश की कांग्रेस सरकार लगातार शिक्षा के बजट में कटौती करती आ रही है, जिसके चलते गरीब घरों से संबन्ध रखने वाले छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करने से वंचित रह रहे हैं, जिसको एस.एफ.आई. कतई सहन नहीं करेगी। एस.एफ.आई का तिहास छात्र हितों के लिए संघर्ष रहा है और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर हो रहे हमलों के खिलाफ एस.एफ.आई. दृढता से आम छात्रों को लामबंद करके आंदोलन तेज करेंगे।
साभार-khaskhabar.com













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