देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreनहरों में पानी न पहुॅचने पर सिंचाई विभाग से नाराजगी
जनपद में विभिन्न स्थलों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र शुरू-डीएम
मथुरा। जनपद के प्रभारी मंत्री राज्यमंत्री पंचाायतीराज (स्वतंत्र प्रभार) एवं लोक निर्माण विभाग (एमओएस) विभाग, उप्र भूपेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों तथा विकास विभाग से संबंधित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में जनपद के सर्वागीण विकास हेतु 27469 लाख रूपये की जिला योजना सर्वसम्मिति से अनुमोदित की गई।
12वीं पंचवर्षीय योजना के पंचम वर्ष में शासन द्वारा जिला योजना की संरचना हेतु वर्ष 2017-18 के लिए जनपद को 27469 लाख रू0 का परिव्यय निर्धारित किया है, जिसमें रू0 8234.11 लाख भी सम्मिलित है। परिव्यय रू0 27581 लाख से रू0 112 लाख कम है। विभिन्न विभागों की योजनाओं को शासन द्वारा निर्देशित प्राथमिकता के आधार पर सम्मिलित किया है। योजना में गरीबी उन्मूलन, रोजगार तथा उत्पादकता में वृद्धि, ग्रामोन्मुखी विकास कार्य तथा क्षेत्रीय विषमताओं को दूर करने के उद्देश्य को पूर्ण कराने तथा चालू योजनाओं के वचनबद्ध व्यय हेतु समुचित प्राविधान किया है। समाज के दलित एवं कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को सामाजिक एवं आर्थिक विकास हेतु विभिन्न विभागों की योजनाओं के अन्तर्गत रू0 2343.28 लाख का परिव्यय की व्यवस्था की गई है, जो कुल परिव्यय का 8.53 प्रतिशत है। योजना की संरचना में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष बल दिया गया है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि जो भी विकास कार्य सम्पादित कराये जायें उनमें शुरू से ही गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय, जिससे बाद में किसी प्रकार की समस्या न आये। उन्होंने कहा कि जनपद में खारे पानी की समस्या एक गम्भीर समस्या है जिसका समाधान बहुत ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिले के लिए विकास हेतु जनप्रतिनिधियों से सुझाव लें। लघु सिंचाई योजना के तहत निजी नलकूप लगवाने के लिए किसानों को अधिक से अधिक जानकारी देते हुए जनसामान्य में वृहद प्रचार प्रसार होर्डिंग आदि लगवाये जायें, जिससे इस योजना का लाभ अधिकतम किसानों को मिल सके। लघु सिंचाई अभियंता को योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी न होने पर मंत्री द्वारा नाराजगी प्रकट करते हुए आगे से बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश दिये।
जनप्रतिधिनियों द्वारा सिंचाई हेतु माइनरों में पानी नहीं आने के संबंध में कहा कि पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण फसलें सूख रही हैं। खारे पानी की समस्या के संबंध में जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी ने बताया कि 14वें वित्त आयोग की धनराशि ग्राम पंचायतों को सीधे उपलब्ध कराई जाती है, जिससे मीठे पानी की व्यवस्था के लिए क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायतों को आगे बढ़कर कार्य करना होगा, इसके अतिरिक्त मीठे पानी के लिए जनपद में 29 प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जनपद के विभिन्न स्थानों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र खोले गये हैं, जहां पर दवाओं के रेट में भारी अन्तर बहुत कम रेट पर सभी दवायें उपलब्ध हैं। उन्होंने जनसामान्य से अपील की है कि इस सुविधा का लाभ जरूर उठायें।
मंत्री श्रीसिंह ने कहा कि जो अधिकारी बैठक में नहीं आये हैं उनका स्पष्टीकरण लिया जाय, जिसके लिए मुख्य विकास अधिकारी सुश्री यशु रूस्तगी द्वारा पूर्ण आश्वास्त किया गया और धन्यवाद ज्ञापित किया गया। बैठक में विधायक बल्देव पूरन प्रकाश, गोवर्धन ठा0 कारिन्दा सिंह, विधायकगण प्रतिनिधि, जिला योजना समिति के सदस्य, नगर आयुक्त डा उज्जवल कुमार, एडीएम कानून व्यवस्था रमेश चन्द्र, पीडी रविशंकर त्रिवेदी व अर्थ एवं संख्याधिकारी सरिता सिंह तथा डीएफओ, सीएमओ सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।













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