देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोरोना महामारी के चलते जिला प्रशासन मुडिया मेला को निरस्त कर दिया है। वहीं गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ठाकुर बांके बिहारी जी के दर्शन करने के लिए वृन्दावन में लाखों की संख्या में श्रद्धालू आते हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं आवागमन की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए 23 से 25 जुलाई तक वृन्दावन की यातायात व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। कुछ मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित किया गया। मार्ग छटीकरा-वृदांवन मार्ग पर मल्टीलेबल पार्किंग स्थल से आगे कोई वाहन नहीं जा सकेगा। मथुरा-वृदांवन मार्ग पर सौ सैया से आगे सभी प्रकार के वाहन प्रतिबन्धित रहेंगे।
एक्सप्रेस वे से वृन्दावन आने वाले वाहन दरुख पार्किंग से आगे प्रतिबन्धित रहेंगे। बारह से आने वाले श्रद्धालुआंे के वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई है जिसके तहत युमना एक्सप्रेस वे से वृन्दावन आने वाहन मंडी पार्किंग, दारुक पार्किंग, टीएफसी मैदान पार्किंग, इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टैंड पार्किंग पर पार्क किए जाएंगे।
मथुरा की ओर से वृन्दावन को आने वाहन आइटीआई ग्राउंड पार्किंग, पागल बाबा ट्रस्ट की भूमि में पार्किंग (ग्राम धोरेरा), चौहान पार्किंग पार्किंग स्थलों पर पार्क होंगे। एनएच टू पर छटीकरा से वृन्दावन आने वाले वाहन माता वैष्णों देवी मंदिर के सामने पार्किंग-1 (बड़े वाहन), माता वैष्णो देवी मंदिर के सामने पार्किंग-2, रॉयल भारती मोड़ पार्किंग (छोटे वाहन), मल्टीलेबल पार्किंग, अन्नपूर्णा पार्किंग, प्रेम मंदिर के पीछे सुनरख तिराहा मोड़ पार्किंग, हरे कृष्णा ऑर्चिड के सामने पार्किंग, ई-रिक्शा स्टैंड के लिए अटल्ला चुंगी के पास बासुदेव पार्किंग, जादोन पार्किंग स्थलों पर पार्क होगें।
वहीं कुछ रूट का डायवर्जन भी किया गया है। यमुना एक्सप्रेस वे से वृंदावन होते हुए एनएच टू को जाने वाले सभी भारी वाहन यमुना एक्सप्रेस वे से राया कट से उतर कर लक्ष्मी नगर से गोकुल बैराज से टाउनशिप होते हुए एनएच टू को जाएंगे। इसी प्रकार एनएच टू छटीकरा से वृंदावन होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे को जाने वाले भारी वाहन टाउनशिप से गोकुल बैराज से लक्ष्मी नगर होते हुए यमुना एक्सप्रेस वे को जाएंगे।
कस्बा वृन्दावन में कोई भी भारी, कॉमर्सियल वाहन प्रवेश नहीं करेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिर्फ ई-रिक्शा का संचालन होगा।
मुडिया मेला में श्रद्धाुलओं के आने पर रोक
पांच दिवसीय मुड़िया पूर्णिमा से पूर्व देवशयनी एकादशी, द्वादशी के दिन परिक्रमा मार्ग में लाखों श्रद्धालु भक्त आस्था और भक्ति में लीन होकर गिरिराज प्रभु की परिक्रमा करते थे, लेकिन इस बार मुड़िया मेला निरस्त करने के चलते श्रद्धालु भक्तों के कदम गिरिराज परिक्रमा की ओर नहीं बढ़ सके हैं। कोरोना महामारी के चलते जिला प्रशासन ने मुड़िया मेला निरस्त कर दिया है। यहां श्रद्धालु भक्तों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी है। पुलिस और मजिस्ट्रेट सीमा क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं। बुधवार को उप मेलाधिकारी एसडीएम राहुल यादव और सीओ रविकांत पाराशर ने परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण कर राजस्थान सीमा क्षेत्रों का भ्रमण किया। राजस्थान की ओर से परिक्रमा को आने वाले श्रद्धालु भक्तों को वहीं से वापस लौटा दिया













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