देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। भक्ति वेदांत स्वामी मार्ग स्थित चंद्रोदय मंदिर में शुक्रवार को, अक्षय तृतीया का पावन पर्व बड़े ही हर्षों उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राधा वृन्दावन चंद्र का महाभिषेक वैदिक मंत्रों उच्चारण के साथ किया गया।
उसके पश्चात श्रीराधा वृन्दावन चंद्र के श्री विग्रह पर विशेष रूप से तैयार मल्यांगिरी चंदन का लेप लगया गया एवं उन्हें पीताम्बर युक्त वस्त्र धारण करा भक्तों के समक्ष दर्शन के लिए लाया गया, जहां भक्तों ने विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से उनका दर्शन प्राप्त कर लाभांवित हुए।
अक्षय तृतीया प्रतिवर्ष वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। वैदिक कैलेंडर के अनुसार किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए, इसे वर्ष का सबसे अनुकूल दिन माना जाता है।
सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। पुराणों में वर्णीत है कि अक्षय तृतीया पर श्री महाविष्णु की पूजा करने से पाप दूर होते हैं और मोक्ष प्राप्त करने में मदद मिलती है।
चंद्रोदय मंदिर के मीडिया प्रभारी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को चंद्रोदय मंदिर में श्री राधा वृन्दावन चंद्र के श्रीविग्रह का विशेष चंदन श्रृंगार किया गया। उन्होंने बताया कि चंद्रोदय मंदिर में शुक्रवार से 21 दिवसीय चंदन-यात्रा उत्सव की शुरुआत हुई है।
इस उत्सव में श्रीराधा वृन्दावन चंद्र के श्रीविग्रह को गर्मी से राहत प्रदान करने हेतु एवं उनका शरीर ठंडा रहे, इस उद्देश्य से नियमित रूप से चंदन का लेप लगाया जाएगा।













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