देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली। बैंकों से 9,000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज लेकर भारत से भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को स्पेशल प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिग एक्ट कोर्ट ने आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया है। विजय माल्या को आर्थिक भगोड़ा घोषित करने के बाद सरकार को उसकी संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिल गया है।
इसके साथ ही पीएमएलए कोर्ट ने विजय माल्या की अपील करने के लिए समय दिए जाने की मांग को भी निरस्त कर दिया है। आपको बताते जाए कि विजय माल्या को लंदन की वेस्टमिन्सटर कोर्ट ने ब्रिटेन सरकार को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया है।
आपको बताते जाए कि नए अधिनियम के तहत जिसे आर्थिक भगोड़ा घोषित किया जाता है, उसकी सम्पत्ति तुरंत प्रभाव से जब्त कर ली जाती है। आर्थिक भगोड़ा वह हो जाता है जिसके विरुद्ध सूचीबद्द अपराधों के लिए गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया होता है। साथ ही ऐसा व्यक्ति भारत को छोड़ गया हो, ताकि यहां हो रही आपराधिक कार्रवाई से बच सके या वह विदेश में हो और इस कार्रवाई से बचने के लिए भारत आने से मना कर रहा हो। इस अध्यादेश के तहत 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के धोखाधड़ी, चेक अनादर और लोन डिफाल्ट के मामले में आते हैं।
उल्लेखनीय है कि विजय माल्या पर आरोप है कि वह कई बैकों से करीब 9,990 करोड़ रुपए का लोन लेकर फरार हो गया था। फिलहाल माल्या लंदन में हैं और उसे भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया जा चुका है।
साभार-khaskhabar.com













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