देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। कान्हा की नगरी मंे स्वच्छता अभियान के तहत की गई मेहनत की परीक्षा 4 जनवरी से 31 जनवरी तक होगी। इस दौरान सर्वेक्षण टीम स्वच्छता मानकों पर कान्हा की नगरी को परखेंगी। संयुक्त नगर आयुक्त अजित सिंह ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम 4 जनवरी से 31 जनवरी तक चलेगा। नगर निगम ने मथुरा वृंदावन को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लगातार काम किया है। इस के परिणाम भी दिख रहे हैं और मथुरा वृंदावन अपनी धार्मिक और पौराणिक छवि के अनुरूप नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर कूडा कलेक्षन किया जा रहा है। गीले और सूखे कूडे को अलग-अगल रखने की भी व्यवस्था की गई है। षहर की षान टैंक चैराहे पर छावनी परिषद की दीवारांे पर सुंदर पेटिंग की गई है। यहां तक कि यमुना पुल पर भी सतत सफाई अभियान चलाया जाता है। यह पहली बार हुआ है। षहर के प्रवेष मार्गों को भी साफ और स्वच्छ रखा जाता है, जिससे यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को उनकी भावनाओं के अनुरूप मथुरा और वृंदावन नजर आएं। उम्मीद है कि अपना मथुरा वृंदावन इस बार बेहतर प्रदर्षन करेगा। मथुरा पहले ही खुले में षौच मुक्त हो चुका है। चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
ये होंगे स्वच्छता सर्वेक्षण के मानक
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान टीम नागरिकों से पूछेगी कि डोर टू डोर कूडा किस तरह एकत्र्ाित किया जाता है। सफाई कर्मचारी प्रतिदिन आते हैं कि नहीं, स्वच्छता के प्रति आप पहले से कितना ज्यादा सतर्क हुए हैं। इसके अलावा पार्षदों का रिपोर्ट भी तैयार किया जाएगा।
बडी चुनौती है धार्मिक नगर को स्वच्छ रखना
मथुरा और वृंदावन में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। षनिवार और रविवार को यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है। ये लोग यहां गंदगी करते हैं, इनते बडे जनसमूह को सम्हालना इतना आसान नहीं है। फिर भी सीमित संसाधनों में बेहतर काम करने का प्रयास किया गया है।













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