देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
तिरुवनंतपुरम। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं की एंट्री की इजाजत दे दी थी। हालांकि, इस फैसले के बाद प्रतिबंधित उम्र (10 से 50 साल) की महिलाएं मंदिर में अयप्पा के दर्शन नहीं कर पा रही थीं, लेकिन बुधवार को 40 वर्ष से कम उम्र की कनकदुर्गा और बिंदू नाम की महिला ने दावा किया कि वे अयप्पा के दर्शन करने में सफल रहीं।
इसके बाद राज्य में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। सीपीआई (एम) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में 55 साल के सबरीमाला कर्म समिति (एसकेएस) का कार्यकर्ता घायल हो गया था, जिसने आज दम तोड़ दिया। इस बीच गुरुवार को इन दोनों महिलाओं की एंट्री से नाराज कई संगठनों ने राज्य में बंद की घोषणा की है।
विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के समूह सबरीमाला कर्म समिति ने हड़ताल बुलाई है। भाजपा हड़ताल का समर्थन कर रही है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ काला दिवस मना रहा है। इससे केरल पूरी तरह थमा हुआ सा नजर आ रहा है। हिंसा के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है।इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। सरकार ने यह संवैधानिक जिम्मेदारी पूरी की है। संघ परिवार सबरीमाला को युद्ध स्थल बनाने पर तुला है। सरकार इस प्रकार के प्रदर्शन बंद करना चाहती है। हम सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू कराने का फैसला कर रहे हैं। अभी तक प्रदर्शन में 7 पुलिस वाहनों, 79 सरकारी बसों और 39 पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया है।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
मकर संक्रांति पर राजस्थान रंग में रंगा : पतंगों से सजे मंदिर, तीर्थों पर डुबकी, जयपुर में पतंगबाजों की अग्निपरीक्षा
प्रगति’ नए भारत की कार्यसंस्कृति का प्रतीक, यूपी बना इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री योगी
पूरी सृष्टि में केवल पुष्कर में है ब्रह्मा जी का मंदिर, जानिए कारण