देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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आम तौर पर मोटापे को बीमारियों की जड़ माना जाता है। खास तौर से महिलाओं के लिए यह ज्यादा घातक होता है। लेकिन आज हम जिस रिसर्च के बारे में बता रहे हैं वह पहली महिलाओं के लिए भी खतरे की घंटी है। दरअसल एक नए शोध में सामने आया है कि पतले कूल्हे (स्लिम हिप्स) वाली महिलाओं को भी शुगर और दिल संबंधी रोग हो सकते हैं।
स्टडी में बताया गया कि हिप्स का भारी होना बैली (पेट), लिवर (यकृत) या पेनक्रियाज (अग्नाशय) के चारों ओर जमा होने वाले फैट से ज्यादा सुरक्षित है। रिसर्च के अनुसार आनुवंशिकता के कारण कुछ महिलाओं के हिप्स पर कम फैट होता है। इससे उन्हें दिल की बीमारियां और टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका रहती है।
फैट जमा होना शरीर में खून के दौरे पर भी निर्भर करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के लीड रिसर्चर लुका लोटा ने कहा कि इसका मतलब है कि लिवर, मसल्स या पेनक्रियाज में ज्यादा फैट होने से इन बीमारियों का खतरा रहता है। इससे यह भी समझा जा सकता है कि हिप्स के चारों ओर कम फैट होना सही नहीं होता। इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने 6 लाख से ज्यादा महिलाओं के जेनेटिक प्रोफाइल का अध्ययन किया। उन्होंने जेनेटिक वेरिएंट्स के दो स्पेसिफिक ग्रुप छांटे। एक में वे महिलाएं थीं, जिनके हिप्स के चारों ओर कम फैट था, जबकि दूसरे में कमर और पेट के चारों ओर ज्यादा फैट वालीं महिलाएं थीं। जामा मेडिकल जर्नल में छपी रिपोर्ट से पता चला कि दोनों ग्रुप ही महिलाओं को ही टाइप-2 डायबिटीज और हार्ट अटैक का रिस्क रहता है।
साभार-khaskhabar.com













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