देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा (अनिल कुमार)। प्रदेश में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने जुलाई 2017 तक प्रदेश की सभी सडकों को गढ्ढा मुक्त करने का जनता से वायदा किया था। लेकिन अभी तक इस वायदे को धरातल पर अस्तित्व नही मिल सका। जनपद में दो मंत्री होने के बाबजूद भी मथुरा-भरतपुर मार्ग गाँव रसूलपुर की हालत इतनी खराब हो गई है कि जहाँ वाहनों का गुजरना किसी खतरे से कम नहीं। लगभग डेढ वर्ष गुजरने के बाबजूद जनवरी की शुरूआत होने पर भी रसूलपुर सडक पर काम होते नही दिख रहा है। पूरे प्रदेश की बात तो छोड़ दिजिए सारे विधायक सत्तारूढ दल के होने के बाबजूद जनपद का ऐसा कोई सड़क मार्ग नही। जिसे दिखाकर प्रदेश सरकार और जन प्रतिनिधि गढ्ढा मुक्त सड़क होने का दावा कर सके। जिससे साफ पता चल रहा है कि प्रदेश सरकार के जिम्मेदार मुख्यमंत्री सिर्फ खाली दावे करके जनता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे दावों के पूरे न होते देखकर जनता भी सरकारी तंत्र के सभी मंसूबों को समझ रहीं हैं कि उसके साथ छल हो रहा है। अगर वास्तविकता में प्रदेश सरकार जनता की सच्ची रहनुमा है और अपने वादों को पूरा करना चाहती है, तो धरातल पर सडको की हालत में सुधार दिखाई देना चाहिए। इसे लेकर ग्राम पंचायत प्रधान गंगा प्रसाद, देवी सिंह कुंतल, देवेश कुमार दिनेश चंद, गोपीचंद आदि ने सड़क निर्माण की मांग की है।













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