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डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने बढ़ाया बृज का मान

दिल्ली में वसुंधरा रत्न से हुए समानित  वृन्दावन(जहीर आलम)। रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल (RAI) द्वारा 56 वें वार्षिक ‘वसुंधरा रत्न' समारोह का आयोजन दिल्ली के मैक्समूलर मार्ग स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में आयोजित किया गया।  जिसमे जगद्गुरू श्रीनिम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्यामशरण देवाचार्य  महाराज के सानिध्य में भागवत-प्रवक्ता डॉ. मनोजमोहन शास्त्री  को ‘वसुंधरा रत्न’ (अवार्ड ऑफ एक्सलेन्स-2018) से अलंकृत किया गया। उन्हें शाल उढ़ाकर प्रशस्ति-पत्र, रजत-मुद्रा एवं स्मृति-चिन्ह भेंटकर ) विभूषित किया गया। डॉ. शास्त्री के साथ देश की विभूति डॉ. भूपेन्द्रभाई पण्ड्या मुंबई, साध्वी भगवती सरस्वती परमार्थ-निकेतन ऋषिकेश। वृन्दावन के पुण्डरीक गोस्वामी , महाराजा अग्रसेन चेरिटबल हॉस्पिटल रोहिणी दिल्ली के चेयरमैन घनश्याम  गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। महाराज श्री ने कहा कि RAI का सत्प्रयास भविष्य में भी आयु-वृद्ध एवं ज्ञान-वृद्ध जनों को आत्मिक प्रसन्नता का कारण बनेगा। पुराण एवं सनातन इतिहास साक्षी है कि श्रीराम एवं श्रीकृष्ण ने अपने माता-पिता गुरुजनों को अपने सेवा-कार्य और व्यवहार से गौरवान्वित किया था।
डॉ. मनोज मोहन जी शास्त्री ने कहा कि RAI का प्रयास अभिनंदनीय है, परिवारों में सम्पन्नता के साथ संस्कार आवश्यक है संस्कार के अभाव में अर्थ अनर्थ का कारण बन जाता है।
RAI के महासचिव डॉ. गिरीश सी. गुप्ता ने कहा कि संस्था भारत की इन विभूतियों को सम्मानित करके स्वयं को गौरवान्वित अनुभव करती है, हमारा यह प्रयास रहेगा भविष्य में भी यह प्रकल्प सतत् चलता रहे। डॉ. शास्त्री को ‘वसुंधरा रत्न’ उपाधि प्राप्त होने पर  धर्म रक्षा संघ के कैम्प कार्यालय पर आयोजित वैठक में हर्ष व्यक्तकर शाल उढ़ाकर अभिनंदन किया गया। आचार्य बद्रीश एवं सौरभ गौड़ ने कहा कि डॉ. मनोज मोहन शास्त्री का सम्मान समस्त ब्रजवासियों का सम्मान है इससे हम सभी गौरवान्वित हुए है। इस अवसर पर पंडित मृदुलकांत शास्त्री, डॉ. ब्रजकिशोर गोस्वामी, संत श्रीजुगल किशोर दास  ‘सहृद सखी’, महंत मोहिनीबिहारी शरण, श्रीदास प्रजापति, रविकांत गौतम, तुलसी स्वामी, राजकिशोर भारती, रमणबिहारी गौतम, भुवनेश कुमार शर्मा आदि ने अपने भाव व्यक्त किए।
 

नारद संवाद

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