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वृन्दावन। यमुना के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। गुरूवार की शाम यमुना का जलस्तर वृंदावन के केशीघाट के परिक्रमा मार्ग तक पहुंच गया। शुक्रवार को जलस्तर में और बढोतरी की संभावना है, प्रशासन ने आशंका जताई है कि जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है और यमुना के निचले इलाकों में पानी घुस सकता है, ऐसे में जिला प्रशासन ने अहतियातन सतर्कता की मुनादी करा दी है।
यमुना के जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी के बाद तटीय इलाकों के लोगों को चिंता सताने लगी है। वहीं, यमुना खादर में बसी कालोनियों में पानी के बढ़ने से क्षेत्रवासियों में डर का माहौल है। लोग पिछले दिनों आई बाढ़ को देखते हुए सहमे हुए हैं।
यमुना नदी में बढ़ रहे जल स्तर को दृष्टिगत रखते हुए। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने यमुना किनारे निवासियों को सूचित किया है कि वे घबरायें नहीं, लेकिन सतर्क रहें। उन्होंने नदी किनारे के आस-पास रहने वाले निवासियों से अनुरोध किया है कि ऐसी स्थिति में सचेत रहने की आवश्यकता है और संभावित प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता सिंचाई मोरमुकुट सिंह ने बताया कि 24 सितम्बर को हथिनी कुण्ड बैराज से 2.50 लाख के लगभग क्यूसेक पानी छोडा गया है। जिसकी मथुरा मंे 27 व 28 सितम्बर की रात्रि में आने की संभावना है। यह जल स्तर चेतावनी बिन्दु को पार कर बाढ़ का स्वरूप ले सकती है। उन्होंने बताया कि यमुना किनारे प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों का सचेत रहने की आवश्यकता है।













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