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मथुरा(ब्यूरो)। हाईवे अथारिटी ने दुर्घटना रहित जोन बनाने के लिए पहल की है। दोपहिया वाहन से या फिर पैदल चलकर हाईवे पार करने वालों के लिए 14 फुट ओवरब्रिज बनाए जाने हैं। इस पर 45 करोड़ की लागत आएगी। सर्वे कराने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार करा ली गई है।
नेशनल हाईवे अब सिक्स लेन हो रहा है जिससे वाहनों की रफ्तार बढ़ रही है। इससे दुर्घटना की संख्या में भी तेजी के साथ इजाफा हुआ है। मथुरा से आगरा तक हर रोज औसतन तीन एक्सीडेंट होते हैं। हाईवे पर सबसे ज्यादा दुर्घटना सड़क पार करने के दौरान होती हैं। एनएचएआई ने आगरा-दिल्ली हाईवे को आबादी के बीच दुर्घटना रहित जोन बनाने के लिए एक सर्वे कराया था।
इस सर्वे में उन इलाकों का चिन्हीकरण किया जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही थीं। इसमें हरियाणा सीमा से सटे कोटवन से लेकर आगरा तक 110 किलोमीटर इलाके में कोसीकलां, अजीजपुर गांव, जैंत गांव, छटीकरा, नयति अस्पताल, सराय आजमाबाद निकट रोमेक्स स्कूल, राधापुरम चैराहा, सौंख चैराहा, पुराना एआरटीओ चैराहा, नवादा गांव, बरारी गांव, हिंदुस्तान कॉलेज हैं।
एनएचएआई के डीजीएम सुरेश कुमार ने बताया कि एक फुट ओवर ब्रिज पर दो करोड़ से अधिक खर्च आएगा। चार महीने में सभी फुट ओवर ब्रिज बनाकर तैयार कर दिए जाएंगे।
दुपहिया वाहनों से कर सकेंगे हाईवे क्रास
फुट ओवर ब्रिज से दुपहिया सवारों के लिए अलग से स्लैब डाला जाएगा, वहीं पैदल चलने वालों के लिए सीढ़ियां बनाई जाएंगी। इससे दुपहिया सवार आसानी से हाईवे पार कर सकेंगे।













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