देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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फैजाबाद। बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद का हल कभी भी हो, अयोध्या में मंदिर के लिए पत्थर तराशने के काम में तेजी आ गई है। पहले से तराशे गए पत्थरों पर जमी काई को हटाकर फिर से चमकाया जा रहा है। पत्थर तराशने का करीब 65 फीसदी काम पूरा हो चुका है। साधु-संत 2019 से पहले राम मंदिर निर्माण हो जाने की बात कह रहे हैं। इसीलिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) भी तैयारी में तेज़ी कर रहा है विहिप के अनुसार राम मंदिर के लिए 1.10 लाख घन पत्थर को तराशने का काम पूरा हो चुका है। मंदिर निर्माण के लिए तराशे जा रहे पत्थरों का 65 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। यानी शुरुआती दौर में मंदिर निर्माण के लिए जितने पत्थरों की ज़रूरत पड़नी है, वो कार्य लगभग पूरा हो चुका है। विहिप के अवध क्षेत्र के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि राम मंदिर के लिए रंग मंडप, कोहली गर्भगृह और सिंह द्वार बनकर तैयार हैं। 106 खंभे बनकर तैयार हैं। लगभग ऊपर के लिए इतने ही खभों पर काम चल रहा है।
साभार-khaskhabar.com













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