BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

रावण के पुतला दहन की रोक के लिये राष्ट्रपति से गुहार

स्वच्छता अभियान के तहत पुतला दहन अभिशापमथुरा(अनिल कुमार)। विजय दशमी पर प्रकाण्ड विद्वान दशानन के पुतला दहन पर देशभर में रोक लगाने के लिये लंकेश भक्त मण्डल की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। सारस्वत समाज की ओर से इस कुरीति को मिटाने के लिये समस्त समाज के लोगों को एक जुट होने का आहवान भी किया है। 

लंकेश भक्त मण्डल के अध्यक्ष ओमवीर सारस्वत ने 19 अक्टूबर 2018 को विजय दशमी पर्व पर देश भर में रावण का पुतला दहन पर रोक लगाने की मांगी की है। पत्र में लिखा गया है कि भगवान महादेव के परम भक्त और भगवान श्रीराम के आचार्य पुरोहित दशानन के पुतला दहन कर हिन्दू समाज को कलंकित किया जाता है। भगवान राम ने स्वयं सेतु बन्धु रामेश्वरम् की स्थापना प्रकाण्ड विद्वान रावण से करायी थी, तो ऐसे प्रकाण्ड व्यक्ति का प्रतिवर्ष अनादर क्यों किया जा रहा है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की गयी है कि रावण के पुतला दहन न तो आप स्वयं करें और न ही देश में और लोगों को करने दें। पुतला दहन से प्रदूषण होता है, अनेक लोगों की जानें जा चुकी है और समाज में एक बुरा संदेश जाता है। पत्र में लिखा है कि प्रकाण्ड विद्वान रावण सारस्वत थे और हम उनके वंशज हैं। देश भर में करोड़ों सारस्वतों को कष्ट पहुॅचता है, जब एक प्रकाण्ड व्यक्ति का प्रतिवर्ष पुतला दहन कर अपमान किया जाता है। हिन्दू संस्कृति में एक व्यक्ति का मृत्यु उपरान्त एक बार ही होता है और यह बार-बार फिर रावण का पुतला दहन क्यों होता है। रावण में बुराईयां नहीं थी, अच्छाईयां थी। उनकी अच्छाईयों को प्रचारित-प्रसारित किया जाये और शिक्षण संस्थान में चलने वाली पाठ्य पुस्तकों में उनको स्थान दिया जाये। विजय दशमी पर्व राम एवं रावण के मध्य युद्घ का मंचन हो और पुतला दहन न हो। पत्र में मांग की गयी है कि देश को नई दिशा देने के लिये और इस बुराई को दूर करने के लिये पुतला दहन पर रोक लगायी जाये। राम-रावण के युद्घ वाले पवित्र स्थल को स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाये और वायु प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण के अलावा उस स्थल को गन्द्गी मुक्त किया जाये।
 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More