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रंगनाथ मंदिर में प्रसिद्ध लट्ठे का मेला देखने को उमड़ा जनसैलाब

रंगनाथ मंदिर में प्रसिद्ध लट्ठे का मेला देखने को उमड़ा जनसैलाब  वृन्दावन(जहीर आलम)। योगीराज भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद तीर्थ नगरी में नदोत्सव की धूम मची हुई है। ब्रज में उनके जन्म की खुशी कुछ अलग ही अंदाज में मनाई जाती है। कहीं भक्तों पर हल्दी और दही का लेप फैंका जाता है तो कहीं भक्त भगवान के जन्म की खुशी में बधाई स्वरूप उपहार लुटाते है। वृन्दावन के प्रसिद्ध रंग नाथ मंदिर में नन्दोत्सव मनाने का अंदाज कुछ अलग ही है। यहां नन्दोत्सव पर लट्ठा के मेला का आयोजन किया जाता है। जिसमें पहलवान 50 फ़ीट ऊंचे खम्भे पर चढ़ते है। दक्षिणात्य भारतीय शैली के विशालतम श्रीरंग नाथ मन्दिर में ममगलवार को नदोत्सव पर्व पर लठ्ठे के मेले का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें अंतर्यामी अखाड़े के पहलवानो ने करीब 50 फीट ऊचेें खंभे पर चढने के लिए जोर आजमाइश की। लट्ठे के मेले की शुरुआत पहलवानों ने भगवान रंगनाथ के दर्शन और प्रणाम कर की।  तत्पश्चात  पहलवान 50 फ़ीट ऊंचे खम्भे पर चढ़ने की कोशिश करने में जुट गये। पहलवान बार बार लट्ठे पर चढ़ने की कोशिश करते और बार बार गिर जाते। जिस खम्भे पर पहलवान चढ़ने की कोशिश कर रहे थे उस पर चिकनी मिट्टी का लेप लगा था और मन्दिर के कर्मचारी ऊपर से तेल , पानी की बौछार पहलवानों पर लगातार कर रहे थे। काफी प्रयास के बाद आखिर कर पहलवानों ने खम्भे पर चढ़कर रंगनाथ जी की पताका को जीत लिया। 173 वर्षों से चली आ रही इस परम्परा को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु मन्दिर प्रांगण में मौजूद भक्तगण भगवान गोदारनगमन्नार की जय जयकार कर रहे थे। इधर पहलवानों की जीत पर मंदिर प्रबंधन ने विजयी पहलवानो को ठाकुर जी की  प्रसादी के रूप में श्रीफल मिष्ठान  व नगद धनराशि प्रदान की।

नारद संवाद

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