देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा(केके पाठक)। जन्माष्टमी पर्व पर नगर को साफ-सुथरा रखने व श्रद्धालुओं को अच्छी सुविधा देने के उद्देश्य से नगर निगम की पूरी टीम पूरी निष्ठा के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर दिखाई दी। रात्रि से ही नगर निगम की टीम पूरी निष्ठा के साथ सफाई व्यवस्था में लगी रही। सोमवार सुबह नगर मेयर डा. मुकेश आर्यबंधु व नगर आयुक्त समीर वर्मा ने अपनी टीम के साथ शहरी क्षेत्र का जायजा लिया तथा भंडारों की व्यवस्थाएं देखी तथा उन्हें निर्देशित किया कि वे कूड़ा सड़कों पर न फैंके। सफाई कर्मचारियों को भी स्पष्ट रुप से कहा कि जहां भी गंदगी दिखाई दे वहां तुरन्त सफाई करें। सफाई व्यवस्था से लोग काफी संतुष्ट नजर आए। इस संबंध में नगर आयुक्त समीर वर्मा द्वारा बताया कि जन्माष्टमी पर स्थापित चिकित्सालय में सुबह से सायं तक 2000 से ज्यादा लोगों की ओपीडी हो चुकी है तथा उन्हें मुफ्त दवाई भी दी गई। साथ ही बीमार श्रद्धालुओं को आवश्यकता की स्थिति में उन्हें आराम देने और उपचार देने के लिए चार बेड की व्यवस्था भी इसी चिकित्सालय में की गई थी। खोया पाया केंद्र पर भी सुबह से सायं तक 300 से ज्यादा लोगों को मिलाया जा चुका है। इसके अलावा पूरी टीम के साथ जगह-जगह लगे भंडारों का भी निरीक्षण किया गया। नगर निगम के सभी सफाई कर्मचारी मुस्तैद है लापरवाह भंडारे वालों के ऊपर कार्यवाही नहीं की गई बल्कि उनके द्वारा फैलाई जा रही गंदगी को उनसे ही साफ कराया गया। इसका एक अच्छा संदेश भी गया और लोगों ने पूरे मेले को और ज्यादा साफ सुथरा और व्यवस्थित रखने में मदद की।
निरीक्षण के समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि प्रतिबंधित थरमोकोल और प्लास्टिक के गिलासों का इस्तेमाल ना हो। इस कड़ी में आज सुबह भी एक भंडारे पर प्लास्टिक के गिलास जप्त किए गए। रात में पोतरा कुंड पर निरीक्षण के समय एक नेताजी के होटल पर थर्माकोल की प्लेट में पाए जाने पर उसे जप्त किया गया।
मथुरा। श्रीकृष्णजन्माष्टमी पर्व नगर निगम द्वारा खोया पाया शिविर लगाया गया था। शिविर में बैठे लोग मुस्तैदी से कार्य करते नजर आए। इस दौरान टीम ने तीन सैकड़ा से अधिक बिछड़े लोगों को उनके परिवारीजनों से मिलवाकर लोगों की वाह-वाही बटोरी। इसी दौरान गाजियाबाद से आई हुई एक दादी का पोता खो जाने पर उसका रो-रोकर बुरा हाल था। नगर नगम के कर्मचारियों की मेहनत से पोते को ढूंढ कर दादी से मिलाया तो खुशी से दादी की आंखे भर आई।













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