देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मुंबई। महाराष्ट्र के एडीजी (कानून और व्यवस्था) परमवीर सिंह ने कहा है कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई सबूत मिलने पर की गई है। छापेमारे के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। उन्होंने कहा कि माओवादियों की साजिश कानून-व्यवस्था को बिगाडक़र शीघ्र सरकार गिराने की थी। इस साजिश में एक आतंकवादी संगठन भी माओवादियों के साथ मिला हुआ था। महाराष्ट्र पुलिस ने माओवादियों के कई पत्र बताते हुए आरोप लगाए कि माओवादी मोदी राज को खत्म करने के लिए हथियार और ग्रेनेड खरीदने की ख्वाहिश रखते थे।
माओवादी एम-4 ग्रेनेड लांचर के चार लाख राउंड खरीदने की इच्छुक थे।माओवादियों के पास पहले से ही रूस निर्मित जीएम-94 ग्रेनेड लांचर है। एक अन्य पत्र में बताया गया है कि राजीव गांधी जैसी घटना होनी चाहिए। इन पत्रों में कश्मीरी अलगाववादियों के साथ हाथ मिलाकर हमले को अंजाम देने की बात कही गई है।सिंह ने कहा कि छापेमारी के दौरान बहुत से साहित्य जब्त किए गए हैं। सबूतों के आधार पर सीपीआई माओवादी की साजिश थी कि कानून व्यवस्था को बिगाड़ कर सरकार को पलटा जाए। एडीजी ने जानकारी देते हुए बताया कि छापेमारी की वीडियोग्राफी की गई है। सीज के बाद कॉपी आरोपियों को भी सौंपी गई है।
पंचनामा सही तरीके से किया गया। परमवीर सिंह ने सुधा भारद्वाज की एक पत्र को पढकर बताया कि यह पत्र उन्होंने कॉमरेड प्रकाश को लिखा था। कॉमरेड प्रकाश सेंट्रल कमेटी से करते हैं। सिंह ने बताया कि माओवादियों की केन्द्रीय कमेटी सीधे अपने जमीनी काडर से संपर्क नहीं करते हैं। उसके पासवर्ड प्रटेक्टेड संदेश कूरियर को माध्यम बनाकर जमीनी कार्यकर्ताओं को भेज दिए जाते थे।
साभार-khaskhabar.com













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