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मथुरा(सुनील शर्मा)। प्रदेश सरकर के एक अध्यादेश से विद्युत विभाग के लाखों संविदाकर्मी एक झटके में बेरोजगार हो गये हैं। विद्युत विभाग में संविदा पर काम कर रहे प्रदेश भर के लाखों कर्मचारियों के सामने रोजीरोट का संकट खड़ा हो गया है। अध्योदश जारी कर प्रदेश के सभी संविदा कर्मियों को तत्काल प्रभाव से बार का रास्ता दिखा दिया गया है। मथुरा जनपद में ऐसे 600 संविदाकर्मी बेरोजगार हो गये हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे कर्मचारियों की है जो पिछले 20 साल से विभाग को सेवा दे रहे थे।
विद्युत मजदूर संविदा मजदूर संगठन के बैनर तले प्रदेश व्यापारी हड़ताल के तहत मथुरा में कैंट स्थित कार्यालय पर संविदाकर्मी लगातार दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। संविदा कर्मचारी सरकार पर अध्यादेश को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। मथुरा में इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। दो दिन में ही जनपद की विद्युत व्यवस्था चरमराने लगी है। 600 संविदाकर्मियों के एक साथ हड़ताल पर चले जाने के बाद विभागीय अधिकारियों को सुविद्युत व्यवस्था सुचारू रखने में दिक्कत आ रही है।
प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि इन लोगों के बाहर होने से रिक्त हुए पदों पर 40 प्रतिशत भर्ती सैन्य कल्याण बोर्ड से और 60 प्रतिशत आइटीआई पास आउट अभ्यर्थियों से की जाएगी। संविदाकर्मियों को हालांकि उम्मीद है कि सरकार पर दबाव बनाया जाये तो इस अध्यादेश को वापस कराया जा सकता है। इससे पहले प्रदेश के लाभ वाले क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपने के सरकार के फैसले का भी विभाग की ओर से जोरदार विरोध किया गया था जिसके बाद सरकार ने अपने कदम वापस खींच लिये थे। इसे देखते हुए आगामी दिनों में संविदाकर्मियों के आंदोलन के लम्बा खिंचने और उग्र होने की सभी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।













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