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युवाओं ने लिया संकल्प

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा में आयोजित अखण्ड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य वक्ता डा. हरीश रौतेला, अर्न्तराष्ट्रीय स्त पू.ज्ञानानन्द महाराज, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल एवं कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान। मथुरा(केके पाठक)। देश में एकता और अखण्डता बनाये रखने के लिए युवा पीढ़ी व छात्र-छात्राओं को आगे आकर देश हित में अपनी महती भूमिका निभानी है, इस संदेश के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने जी.एल.ए. विश्वविद्यालय, मथुरा (उ.प्र.) में ’’अखण्ड भारत संकल्प दिवस्य्य कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्न्तराष्ट्रीय संत पू. ज्ञानानन्द जी महाराज ने की एवं मुख्य वक्ता डॉ. हरीश रौतेला, प्रान्त प्रचारक ब्रज प्रान्त रहे। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ’’अखण्ड भारत संकल्प दिवस्य्य कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. हरीश रौतेला ने 500 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित गणमान्य लोगों को आह्वान करते हुए कहा कि अखण्ड भारत का सपना हम देख सकते है, जब देश की युवा पीढ़ी खासकर विद्यार्थी वर्ग अपनी सोच को उच्च रखते हुए जाति, धर्म आदि मुद्दों को दरकिनार करें। उन्होंने बताया कि जब-जब हमारा समाज धर्म-जाति आदि के नाम पर बंटा और हम आपस में लड़े, तब-तब देश के दुश्मनों और असामाजिक तत्वों ने उसका फायदा उठाया। उन्होंने आगे बताया कि इतिहासकारों ने माना है कि 1947 में विशाल भारतवर्ष का पिछले दो हजार पाँच सौ सालो में हुआ 24वां भौगोलिक एवं राजनीतिक विभाजन था। डॉ. रौतेला ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्र-छात्राऐं देश का भविष्य है और स्वर्णिम भारत का सपना जो हम देखते हैं, उसका निर्माण आप विद्यार्थी ही करेंगे। इसलिए सभी छात्र-छात्राओं को देश का इतिहास पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपना ज्ञान और सोच और विस्तृत करने की आवश्यकता है। वे अपने ज्ञान और शिक्षा को केवल नौकरी पाने तक ही सीमित न रखें बल्कि देश हित में भी अपना सहयोग करें। 

अर्न्तराष्ट्रीय संत ज्ञानानन्द जी महाराज ने इस अवसर पर शहीदों की शहादत और देश की अखण्डता के लिए अपना बलिदान करने वालों को याद करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी व छात्र-छात्राओं को इन लोगों से प्रेरणा लेनी चाहिए और इन महान लोगों की शहादत व बलिदान को जाया न करते हुए आपसी सौहार्द और प्रेम का वातावरण तैयार करना चाहिए। एक-दूसरे की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहें। संत पू. ज्ञानानन्द जी महाराज ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों व गणमान्य लोगों को संकल्प लेने के लिए आह्वान किया कि हम सभी समाज को जाति-धर्म और अन्य र्दुविचारों से दूर रखने में अपनी महती भूमिका निभायेंगे। 

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान एवं कोसी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवक उपस्थित रहे। 

 

नारद संवाद

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