BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

सभी स्थानों पर अलर्ट हुआ घोषित

यमुना का भयाभय दृश्य जिसमें यमुना उफान पर दे रही है दिखाई
 
मथुरा(केके पाठक)। यमुना का जलस्तर अब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। गुरुवार को इसमें और तेजी आ गई। विश्राम घाट की सारी सीढ़ियां डूब गई है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए जल का अधिकतम प्रभाव गुरूवार आधी रात तक नजर आएगा। फिलहाल खादर की कालोनियों, देहात में नीचे के क्षेत्र के गांवों में बाढ़ को लेकर दहशत है। प्रशासन का दावा है इंतजाम मुकम्मल कर लिए गए है।
यहां दो दिन यमुना उफान पर होगी। गुरूवार को सुबह दस बजे यमुना खतरे के निशान 166 मीटर से कुछ ही नीचे रह गई है। सुबह यमुना 165.66 मीटर के स्तर पर पहुंच गई। 
विदित रहे कि बुधवार से गुरूवार तक जलस्तर में 26 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज हो चुकी है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट कर दिया है। निचले इलाकों में बनी बस्तियां खाली हो रही है। लोग जरूरी सामान लेकर पलायन भी कर रहे है। 
प्रयागघाट पर पानी का जल स्तर 165.66 मीटर के निशान को पार कर गया है। गोकुल बैराज से आगरा के लिए डिस्चार्ज भी 70 हजार क्यूसेक से अधिक हो गया है। यमुना में जल स्तर बढ़ने की रफ्तार बुधवार को भी जारी रही। प्रातःकाल दो घंटे में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी बढ़ रहा था, लेकिन पूर्वाह्न 11 बजे के बाद यह स्थिति और तेज होते हुए प्रति घंटा दो सेंटीमीटर पानी बढ़ने लगा। इससे प्रातः नौ बजे यमुना का जल स्तर प्रयागघाट पर 165.40 मीटर था, वह दोपहर 12 बजे के बाद तीन बजे तक दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ते हुए 165.49 मीटर पर पहुंच गया। बुधवार शाम छह बजे यहां जल स्तर 165.52 मीटर को पार कर गया। इस स्थिति में गोकुल बैराज पर भी आगरा के लिए पानी का डिस्चार्ज 70638 क्यूसेक हो गया। अब संभावना जताई जा रही है कि गुरुवार और शुक्रवार को मथुरा में यमुना का जल स्तर वर्तमान दौर के अपने अधिकतम स्तर तक पहुंचेगा। इसे लेकर प्रशासनिक अफसर सतर्क है। बाढ़ चौकियों को स्थापित कर दिया गया है। मजिस्ट्रेट लगा दिए गए हैं। यमुना में आई बाढ़ को देखते हुए यमुना में नाव से सैर करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके चलते यमुना में चल रही नावों की आवाजाही थम गई है। दोनों और करीब 250 नाव खड़ी हो गईं हैं। नावों के बंद होने से पर्यटकों का आना-जाना भी रुक गया है। यमुना में बढ़ रहा जल स्तर आसपास के लोगों के लिए तो खतरा पैदा कर ही रहा है साथ यमुना में सैर करने वाले लोगों पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है । इसे दृष्टिगत रखते हुए पुलिस ने यमुना में नाव चलाए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यमुना में करीब 250 नाविकों द्वारा नाव चलाई जाती हैं । एसएसपी के इस आदेश के बाद यमुना में नावों को चलना बंद हो गया है। नाविक भूपेन्द्र ने बताया कि पुलिस के इस आदेश के बाद नाविक खाली हो गए हैं। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि यमुना में बाढ़ के खतरे को देखते हुए नावों के चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जब तक यमुना का जलस्तर बढ़ा रहेगा तब तक नाव से यमुना की सैर करने पर प्रतिबंध रहेगा।

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More