देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा(सतपाल सिंह)। जनपद के नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने सोमवार पूर्वान्ह कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की मासिक बैठक को सम्बोधित करते हुए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा जनहित में लिखे जाने वाले पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर गम्भीरता से लेते हुए यथा संभव समाधान सुनिश्चित करायें तथा उसकी सूचना भी जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से भिजवायें।
प्रमुख सचिव ने वर्षा के कारण बढ़ रहे जल स्तर को गम्भीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस स्थिति पर निरन्तर सतर्क रहने की आवश्यकता है और प्रभावित होने वाले निचले क्षेत्रों में निवासियों को समय-समय पर सूचित करते हुए आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायें, जिससे किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके। इस संबंध में एडीएम फाइनेंस रवीन्द्र कुमार ने अवगत कराया कि जनपद स्तर पर नियंत्रण कक्ष शुरू करा दिया गया है, जिसमें शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है और निचले क्षेत्रों में निरन्तर दृष्टि रखी जा रही है। जल्द ही निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करा लिया जायेगा। प्रमुख सचिव ने किसानों की समस्याओं को गम्भीरता से लेते हुए खेतों में हुए जलभराव की निकासी व्यवस्था के लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंताओं को मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये।
नोडल अधिकारी ने पॉलीथिन उपयोग पर नियंत्रण की समीक्षा करते हुए प्रभावी नियंत्रण के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिये। इस संबंध में नगर आयुक्त ने अवगत कराया कि इस बार मुड़िया पूनो मेला में काफी हद तक नियंत्रण किया गया है। अब शहर में पूर्ण रूप से प्रभावी कार्यवाही करायी जायेगी। स्वच्छ शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए पाया कि अभी 26 हजार शौचालयों का निर्माण कार्य शेष है, जिसे 02 अक्टूबर से पहले पूर्ण करा लिया जायेगा। इस पर डीपीआरओ ने बताया कि जनपद के 216 गांव ओडीएफ हो चुके हैं शेष शौचालय निर्माण कार्यों को 02 अक्टूबर तक करा लिया जायेगा।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए डॉक्टरों की उपस्थिति समय से सुनिश्चित कराने के लिए सीएमओ को निर्देश दिये। उन्होंने बर्षात के कारण कीडे़-मकौडे़ काटने पर रोगियों के लिए एण्टी रैबीज वैक्सीन को हर सीएचसी, पीएचसी तथा जिला अस्पताल में उपलब्धता बनाये रखने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला अस्पलात में निरीक्षण के दौरान प्रकाश व्यवस्था को दुरूस्त कराने तथा साफ-सफाई, जल निकासी व्यवस्था को सुव्यवस्थित कराने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत राशन वितरण की समीक्षा में जिलापूर्ति अधिकारी ने प्रमुख सचिव को अवगत कराया कि शहरी क्षेत्र में राशन का वितरण मशीन द्वारा किया जा रहा है अब ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी शुरूआत करायी जायेगी, अब मुखिया के साथ ही अन्य सदस्यों का आधार फीडिंग लिंक कराया जायेगा, जिससे राशन वितरण में प्रक्रिया और अधिक सरल बन जायेगी। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत पेंशन योजनाओं का समय से सत्यापन कराने तथा छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित समयानुसार आवेदन प्रक्रिया को सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये।
नोडल अधिकारी ने नगर आयुक्त से कहा कि शहरी क्षेत्र में एक हजार वर्गमीटर जमीन की तलाश करें जिस पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आर्गेंनिक सब्जियां उगाने की व्यवस्था शुरू करायी जायेगी, जिससे निर्धारित स्थान पर आर्गेंनिक सब्जियां उपलब्ध होंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, हैण्ड पम्प रीबोर, सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की स्थिति, एण्टीभू-माफिया, सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्रों का निस्तारण, चकबन्दी वादों का निस्तारण, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल, नगरीय स्ट्रीट लाइट, छाता-गोवर्धन मार्ग पूर्ण होने की समीक्षा की।
प्रमुख सचिव ने परिवहन तथा स्टाम्प रजिस्ट्रेशन विभाग में लक्ष्य पूर्ति बहुत कम होने पर नाराजगी प्रकट करते हुए एआरटीओ तथा एआईजी स्टाम्प को प्रभावी रणनीति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने अपशिष्ट प्रबन्धन, कूड़ा प्रबन्धन निस्तारण, ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जीकरण, विद्युत आपूर्ति, थाना दिवसों में शिकायतों का निस्तारण, राज्य पोषण मिशन, अवैध अतिक्रमण सहित विभिन्न विभागों की बिन्दुवार समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये।
बैठक के पश्चात प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कलेक्ट्रेट प्रांगण में वृक्षारोपण भी किया। बैठक में जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार, नगर आयुक्त समीर वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी राम नेवास गुप्ता, एडीएम फाइनेंस रवीन्द्र कुमार, प्रशासन आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ0 शेर सिंह, पीडी आरके त्रिवेदी, डीडीओ प्रदीप कुमार यादव, अर्थ एवं संख्याधिकारी शीश कुमार, उप कृषि निदेशक धुरेन्द्र कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी एसके वर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत महेन्द्र कुमार, सिंचाई, जल निगम सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।













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